प्रसव पीड़ित एचआईवी पॉजिटिव महिला को सदर अस्पताल से भगाया, निजी क्लीनिक ने बचाई जान, सीएस ने लिया संज्ञान..
एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: इटाढी थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली एक गर्भवती महिला के परिजनों के द्वारा सदर अस्पताल के कार्यशैली पर सवाल उठाया गया है. महिला के परिजनों के द्वारा बताया गया कि वह अपने प्रसव पीड़ित मरीज को लेकर सदर अस्पताल में पहुंची थी. जहां सदर अस्पताल के चिकित्सकों के द्वारा मरीज का जांच कर यह कहते हुए सदर अस्पताल से पीएमसीएच रेफर कर दिया गया कि बच्चे की धड़कन धीमी चल रही है. यदि प्रसव किसी भी तरह से करा भी दिया जाता है तो बच्चे को बचाना मुश्किल होगा. इन्हीं बातों को कहते हुए महिला को पीएमसीएच से रेफर कर दिया गया. हालांकि, महिला के परिजनों ने बताया कि उनके मरीज का इलाज इसलिए नहीं किया गया कि सदर अस्पताल में जांच के दौरान महिला का एचआईवी पॉजिटिव रिपोर्ट प्राप्त हुआ और इसी वजह से चिकित्सकों ने उसका इलाज करना मुनासिब नहीं समझा तथा इलाज में आनाकानी करने लगे और अन्यत्र जगह रेफर कर दिए.
जिसके बाद महिला के परिजन आनन-फानन में अपने मरीज को लेकर बक्सर के शमशान मोड़ स्थित नील हॉस्पिटल में पहुंचे. जहां सफलतापूर्वक महिला का प्रसव कराया गया तथा जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं.
इस संदर्भ में नील हॉस्पिटल के महिला चिकित्सक डॉक्टर नीलम सिंह ने बताया कि महिला एचआईवी पॉजिटिव थी जो इटाढी प्रखंड क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली बताई जा रही है. उन्होंने बताया कि एचआईवी पॉजिटिव मरीज का इलाज यूनिवर्सल प्रिकॉशन के साथ किया जाता है. ब्लड और म्यूकस से ही संक्रमण फैल सकता है. साथ ही साथ उन्होंने बताया कि इलाज के दौरान टैली कीट पहनना होता है और इलाज में उपयोग किए गए उपकरणों को जला देना होता है. क्योंकि, उपयोग किए गए उपकरणों का दोबारा प्रयोग नहीं किया जा सकता है. डॉक्टर नीलिमा ने बताया कि मरीज का ऑपरेशन उन्होंने अपने ही ऑपरेशन थिएटर में किया.जो एचआईवी पॉजिटिव थी और उसे सदर अस्पताल से रेफर किया गया था. सदर अस्पताल से किन्ही कारणों से उसे रेफर किया गया था. इसकी जानकारी उन्होंने नहीं दी. उन्होंने बताया कि मरीज के आने के पश्चात उनके परिजनों को बताया गया कि महिला का ऑपरेशन करके ही प्रसव कराया जा सकता है. जिस पर परिजनों ने सहमति जताई और सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया जच्चा और बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ हैं.
इस संदर्भ में सिविल सर्जन जितेंद्र नाथ ने बताया कि सदर अस्पताल में एचआईवी पॉजिटिव मरीज का इलाज किया जाता है. पूर्व में भी एचआईवी पॉजिटिव मरीज का इलाज किया गया है. इस मामले में जिसने लापरवाही बरती है और किन्ही कारणों से उसे यहां से रेफर किया गया है. इसका बारीकी से जांच कराया जाएगा. मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा. दोषी के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी.


Comments
Post a Comment