एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: खुले में शौच के मुक्ति के स्थायित्व एवं संपूर्ण स्वच्छता हेतु व्यवहार परिवर्तन को चिरस्थायी बनाए रखने के लिए गाँव/समुदाय स्तर पर सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) गतिविधियों का संचालन तथा सतत निगरानी किये जाने एवं खुले में शौच से मुक्ति के स्थायित्व परिवर्तन की निरतंरता हेतु लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान अंतर्गत जिलान्तर्गत सभी गाँवों में सितम्बर 2020 से मार्च 2021 (सात माह) तक प्रत्येक माह में एक सप्ताह के अवधि (साप्ताहिक) में "स्वच्छ गाँव-हमारा गाँव-हमारा गौरव" विशेष अभियान का संचालन करने का निर्देश जिला पदाधिकारी अमन समीर ने दिया है. जिसकी जानकारी देते हुए सूचना सह जनसंपर्क पदाधिकारी ने बताया कि खुले में शौच से मुक्ति के स्थायित्व हेतु सुबह-शाम निगरानी, सामुदायिक उत्प्रेरण का संचालन एवं जन-जागृति गतिविधियों का संचालन करने को कहा गया है. सितम्बर माह में 04 सितम्बर से 10 सितम्बर तक एवं अक्टूबर 2020 से मार्च 2021 तक प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह (दिनांक 01 से 07 तक) में अभियान संचालित करने का निदेश दिया गया है. अभियान का अनुश्रवण मोबाइल एप से किया जाएगा. स्वच्छ गाँव-गौरव अभियान में प्रशंसनीय योगदान देने वाले अधिकारी/कर्मी/स्वच्छाग्रही निगरानी समिति सदस्य, स्वच्छता चैम्पियन और जन जागरूकता हेतु आयोजित प्रतियोगिताओं (यथा- ऑनलाइन चित्रकला/निबंध प्रतियोगिता, मेरा शौचालय स्वच्छ एवं सुंदर आदि) के श्रेष्ठ प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा. जिसके लिए प्रखण्ड स्तर पर दिसम्बर 2020 एवं मार्च 2021 माह में तथा जिला स्तर पर फरवरी 2021 में सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा. सम्पूर्ण अभियान "स्वच्छ गाँव-हमारा गौरव" के क्रियान्वयन में कोविड-19 के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी सभी निदेशों (यथा- संबंधित व्यक्तियों द्वारा निगरानी एवं जन-जागरूकता गतिविधियों के संचालन के दौरान मास्क लगाया जाना, समुचित सोशल डिस्टेन्स का अनुपालन दिन में कई बार साबुन से हाथ धोना/हाथ सेनेटाइज करना आदि तथा कन्टेनमेन्ट जोन के लिए जारी विशेष निदेशों का अनुपालन भी सुनिश्चित करने को कहा गया है.
साइबर सेल एवं बक्सर पुलिस को चुनौती देकर सोशल मीडिया पर हथियार प्रदर्शन करते वायरल हुआ युवकों का तस्वीर, जाँच में जुटी पुलिस..
- 6 जनवरी 2026 को औद्योगिक थाना में दी गई थी लिखित आवेदन। - पुलिस के गिरफ्त से आरोपित अब तक बहार पीड़ित पक्ष भयभीत। एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: भारत में सार्वजनिक स्थानों पर सरकारी या गैर-सरकारी, बिना लाइसेंस वाले हथियारों का प्रदर्शन एक गंभीर दंडनीय अपराध है। यहां तक कि वैध लाइसेंस वाले हथियारों का सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन (नुमाइश/ब्रांडिशिंग) करना भी सख्त वर्जित है। जो कि एक अपराध की श्रेणी में आता है। भारतीय शस्त्र अधिनियम, 1959 और शस्त्र नियम, 2016 इस पर सख्त प्रावधान लागू करते हैं। अवैध हथियार रखना या प्रदर्शन, बिना लाइसेंस के हथियार रखना, उपयोग करना या उनका सार्वजनिक प्रदर्शन करना एक दंडनीय अपराध है. जिसमें 3 साल से लेकर 7 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है. कुछ मामलों में आजीवन कारावास का भी प्रावधान है। यदि आपके पास वैध लाइसेंस है, तब भी आप सार्वजनिक रूप से हथियार की नुमाइश नहीं कर सकते। हथियार को एक निर्धारित होल्डर या कवर में, पूरी तरह से ढका हुआ रखना अनिवार्य है। जिस पर आपका प्रभावी नियंत्रण हो। सार्वजनिक स्थानों पर हवाई फायरिंग या हथियार चमकाना सख्त मना है।पुलिस ऐसे माम...


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