Skip to main content

रैपिड रिस्पांस टीम का गठन कर कोविड-19 टीकाकरण के प्रतिकूल प्रभाव के प्रबंधन हेतु किया जाएगा व्यवस्था..

- प्रत्येक टीकाकरण टीम के साथ रहेंगे मेडिकल ऑफिसर.
- केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का निर्देश.
- चार चरणों में पूरा होगा टीकाकरण का कार्य.
- दुष्प्रचार के खिलाफ मजबूत निगरानी और प्रबंध तंत्र जरूरी.



एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: कोरोना टीकाकरण के बाद के प्रतिकूल प्रभाव से निपटने के लिए भी डॉक्टरों की टीम तैयार की जा रही हैं. एडवर्स इवेंट्स फॉलोइंग इम्यूनाइजेशन (एईएफआई) के प्रबंधन के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण  मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिला स्तर पर टीमों का गठन हो रहा है. इसको लेकर जारी किये गए गाइडलाइन में कहा गया है कि कोरोना वायरस वैक्सीन से संबंधित दुष्प्रभावों से निपटने की व्यवस्था भी रखें. कोविड -19 टीकाकरण के बाद प्रतिकूल घटनाओं से निपटने के लिए सही रिपोर्टिंग और समय पर सूचना देने की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं. टीकाकरण निगरानी प्रणाली में बूथ स्तर से सूचना तंत्र विकसित किया जा रहा है. )विशेषज्ञों का मानना है कि वैक्सीन का दुष्प्रभाव कुछ लोगों में संभव है. इन वजह से अन्य लोगों में कोई दुष्प्रचार न हो, इसके लिए मजबूत निगरानी और प्रबंधन तंत्र जरूरी है.
प्रतिकूल प्रभावों के प्रबंधन की होगी सुविधा: 
अन्य नियमित टीकाकरण की तरह कोविड टीकाकरण के बाद बुखार, सूजन एवं एलर्जी जैसी छोटे साइड इफेक्ट हो सकते हैं. इसे ध्यान में रखते हुए टीकाकरण सत्रों पर लोगों को किसी भी तरह के आपातकालीन सेवा मुहैया कराने के लिए एम्बुलेंस की भी सुविधा उपलब्ध होगी. साथ ही टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा लोगों को जागरूक भी किया जाएगा. ताकि, टीकाकरण को लेकर लोगों के मन में किसी भी तरह की भ्रान्ति न हो.   
प्रत्येक टीकाकरण टीम के साथ रहेंगे मेडिकल ऑफिसर:
नियमित टीकाकरण में प्रतिकूल प्रभाव के प्रबंधन के लिए चिकित्सकों की टीम एलर्ट रहती है. अब कोविड टीकाकरण में भी टीम के साथ मेडिकल ऑफिसर निगरानी में रहेंगे. टीकाकरण के बाद यदि कोई दिक्कत आती है तो नजदीकी अस्पताल में प्रतिकूल असर के प्रबंधन के लिए भी तैयार रहेंगे.
4 चरणों में होगा टीकाकरण:
टीकाकरण की प्रक्रिया 4 चरणों में पूरी की जाएगी. आवश्यकता और रिस्क के मुताबिक समूह बनाकर टीकाकरण किया जाएगा. पहले चरण में 1 करोड़ हेल्थकेयर वर्कर्स का वैक्सिनेशन किया जाएगा. दूसरे चरण में 2 करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स का वैक्सिनेशन किया जाएगा, जिसमें पुलिस बल और सुरक्षा बल एवं सफाईकर्मी होंगे. जबकि तीसरे चरण में 50 साल के ऊपर के लोगों और 50 साल से कम उम्र के उन लोगों का टीकाकरण किया जाएगा जो किसी और बीमारी से ग्रसित है. चौथे चरण में 50 साल के नीचे के लोगों का टीकाकरण होगा. इसके लिए वोटर लिस्ट और आधार कार्ड से सूची बनाई जा रही है.
टीकाकरण टीम में पांच लोगो होंगे शामिल:
दिशानिर्देशों में कहा गया है कि हर सत्र में सिर्फ़ 100 लोगों को कोविड वैक्सीन दी जाएगी. लेकिन अगर उक्त सेंटर पर कोई वेटिंग रूम, निगरानी केंद्र, अधिक भीड़ को संभाल पाने और सामान रखने की व्यवस्था होती है तो वहां पर एक और वैक्सीनेटर ऑफ़िसर को तैनात किया जाएगा. इसके बाद वहां पर 200 लोगों को वैक्सीन दी जा सकेगी.

चुनौतियों से निपटने के लिए तैयारी करने का निर्देश:
जारी गाइडलाइन में कहा गया है कोविड-19 वैक्सीन की सफलता बेहतर प्रबंधन पर निर्भर करेगी. इसके क्रियान्वयन में संभावित चुनौतियों से ससमय निपटने की भी जरूरत होगी. टीकाकरण की प्रगति और उसके लाभ के बारे में सही समय पर सही जानकारी देना चुनौती है. इसके अलावा वैक्सीन किसको पहले दी जाएगी सरकार के इस फ़ैसले को लेकर जनता की चिंताएं और सवाल भी एक चुनौती होगी. वैक्सीन को बिना लंबे ट्रायल के बाद देने को लेकर भी लोगों को सुरक्षा की चिंता होगी. साथ ही सोशल मीडिया पर अफ़वाहों, नकारात्मक ख़बरों और टीके के असर को लेकर भी कई ग़लत धारणाएं बनाई जा सकती हैं. ऐसी चुनौतियों से निपटने के लिए निर्देश दिए गए हैं.





Comments

Popular posts from this blog

साइबर सेल एवं बक्सर पुलिस को चुनौती देकर सोशल मीडिया पर हथियार प्रदर्शन करते वायरल हुआ युवकों का तस्वीर, जाँच में जुटी पुलिस..

- 6 जनवरी 2026 को औद्योगिक थाना में दी गई थी लिखित आवेदन। - पुलिस के गिरफ्त से आरोपित अब तक बहार पीड़ित पक्ष भयभीत। एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: भारत में सार्वजनिक स्थानों पर सरकारी या गैर-सरकारी, बिना लाइसेंस वाले हथियारों का प्रदर्शन एक गंभीर दंडनीय अपराध है। यहां तक कि वैध लाइसेंस वाले हथियारों का सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन (नुमाइश/ब्रांडिशिंग) करना भी सख्त वर्जित है। जो कि एक अपराध की श्रेणी में आता है। भारतीय शस्त्र अधिनियम, 1959 और शस्त्र नियम, 2016 इस पर सख्त प्रावधान लागू करते हैं। अवैध हथियार रखना या प्रदर्शन, बिना लाइसेंस के हथियार रखना, उपयोग करना या उनका सार्वजनिक प्रदर्शन करना एक दंडनीय अपराध है. जिसमें 3 साल से लेकर 7 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है.  कुछ मामलों में आजीवन कारावास का भी प्रावधान है। यदि आपके पास वैध लाइसेंस है, तब भी आप सार्वजनिक रूप से हथियार की नुमाइश नहीं कर सकते। हथियार को एक निर्धारित होल्डर या कवर में, पूरी तरह से ढका हुआ रखना अनिवार्य है। जिस पर आपका प्रभावी नियंत्रण हो। सार्वजनिक स्थानों पर हवाई फायरिंग या हथियार चमकाना सख्त मना है।पुलिस ऐसे माम...

भाई के साथ कोचिंग जा रही किशोरी को अग़वा कर 3 लोगों ने किया गलत काम, पुलिस के तत्परता से तीनों आरोपी गिरफ्तार।

- मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दिखाई तत्परता तीनों आरोपी गिरफ्तार। - भाई ने पुलिस के समक्ष दी पूरी घटना की जानकारी, पुलिस कर रही है पूछताछ। एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर:  घर से कोचिंग पढ़ने जा रही एक किशोरी को 3 लोगो ने रोक कर अग़वा कर लिया। उसके बाद उसे कुछ दुरी पर ले गए और एक झोपड़ी में उसके साथ गलत काम किए। जिस वक़्त यह घटना घटी किशोरी का भाई भी वहां मौजूद था। किशोरी का भाई उसे बाइक से कोचिंग ले जा रहा था। शनिवार सुबह 8 बजे कि यह घटना बताई जा रही है। बक्सर एसपी ने पूछने पर कहा कि मेडिकल जाँच के बाद आगे कि कार्रवाई होगी। फिलहाल पुलिस अपने स्तर से मामले कि जाँच कर रही है। सूत्रों के हवाले से प्राप्त जानकारी के मुताबिक तीनो आरोपी पुलिस के गिरफ्त में हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। घटना की सीमा दो थाना क्षेत्र में पड़ती है। किशोरी सुबह बाइक से अपने भाई के साथ कोचिंग जा रही थी तभी राह में दंगौली पुल के पास 3 युवकों ने मिलकर उनकी बाइक रोकी और इस घटना को अंजाम दिया।नावानगर थाना की सीमा में यह जगह आता है। तीनो आरोपी दूसरी बाइक पर बैठाकर कड़सर गांव के समीप एक सुनसान झोपड़ी में किशोरी क...

जिले में कानून व्यवस्था को झंकझोर देने वाले अहियापुर ट्रिपल मर्डर केस में मुख्य आरोपियों ने किया सरेंडर, रिमांड पर ले सकती है पुलिस..

-बढ़ते पुलिस दबाव एवं कुर्की जब्ती की तेज प्रक्रिया का हुआ असर.  -पूर्व में भी दो नामजद कर चुके हैं न्यायलय में आत्मसमर्पण. एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: राजपुर थाना क्षेत्र के अहियापुर में हुए ट्रिपल मर्डर केस में फरार चल रहे मुख्य आरोपियों ने न्यायालय में सोमवार को आत्मसमर्पण कर दिया है. राजपुर थानाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश सिंह से मिली जानकारी के मुताबिक न्यायालय में आत्मसमर्पण करने वालों में बटेश्वर यादव, मनोज यादव संजय उर्फ संतोष यादव शामिल हैं. बताते चले कि इस हत्याकांड में आरोपी महेंद्र यादव व सलीम अंसारी पूर्व में हीं न्यायलय में आत्म समर्पण कर चुके हैं. जिनको पुलिस के द्वारा रिमांड पर लेकर पूछताछ करने हेतु न्यायालय में अर्जी भी दिया जा चुका है.   बता दे की अहियापुर गांव में अपराधियों के द्वारा एक ही परिवार के तीन लोगों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था. यह घटना बक्सर जिला समेत पूरे बिहार में चर्चा का विषय बन गया था और सुशासन की सरकार पर सवाल खड़ा कर रहा था. इस घटना ने  जिले के कानून व्यवस्था को झंकझोर कर रख दिया था.  इस घटना में प्राथमिक दर्ज होने के बाद ब...