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बक्सर के सदर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने पहुंची महिलाओं के बैठने के लिए बेंच का है अभाव, अस्पताल प्रबंधन बना मुकदर्शक, मजबूरन बैठना पड़ता है फर्श पर..



एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: बक्सर के सदर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने पहुंची महिलाओं को बैठने के लिए बेंच का अभाव होने के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. बता दें कि मामले में अस्पताल प्रबंधन भी मूकदर्शक बना हुआ है. जिसके कारण मजबूरन महिलाओं को फर्श पर बैठकर ही जांच कराने के लिए इंतजार करना पड़ता है. ऐसे में महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.



बताते चलें कि बक्सर सदर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए दूरदराज से एवं ग्रामीण क्षेत्र से भी महिलाएं पहुंचती हैं. जहां मरीजों के बैठने के लिए भी सुव्यवस्थित व्यवस्था नहीं है. जिसके कारण मरीज फर्श पर ही गमछा आदि बिछाकरबैठ जाती हैं. ज्ञात हो कि  प्रसव पीड़ा एवं  अन्य  बीमारियों के कारण अल्ट्रासाउंड कराने पहुंची महिलाओं को एक तो बीमारी के पीड़ा से  तथा दूसरे  अस्पताल प्रबंधन के द्वारा बैठने के लिए बेंच आदि का जरूरत अनुसार व्यवस्था नहीं करने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता है. खबर में प्रकाशित तस्वीर को देखने के बाद अमूमन यह ज्ञात लगाया जा सकता है कि बक्सर के सदर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए पहुंची महिलाओं को कितनी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. एक महिला बाहर दरवाजे के पास ही फर्श पर बैठी हुई है तथा अल्ट्रासाउंड कक्ष में भी कुछ महिलाएं फर्श पर ही बैठी है. मरीजों के बैठने के लिए अस्पताल प्रबंधन के द्वारा महज एक लोहे का बेंच रखा गया है. जिस पर कि महज चार से पांच महिलाएं या पुरुष मरीज बैठ सकते हैं. उससे अधिक मरीजों के पहुंचने पर मरीजों को फर्श पर ही बैठकर समय व्यतीत करना पड़ता है. जो की परेशानियों का सबब बना हुआ है. ऐसे में अस्पताल प्रबंधन को चाहिए कि मरीजों के बैठने के लिए और भी बेंच आदि की व्यवस्था की जाए. ताकि, मरीजों को सहूलियत मिल सके. अस्पताल के एक कर्मचारी ने बताया कि अल्ट्रासाउंड कक्ष में महिलाओं के बैठने के लिए व्यवस्था की गई है. जब रिपोर्टर के द्वारा अल्ट्रासाउंड कक्ष में अंदर प्रवेश कर देखा गया तो महज एक बेंच के सहारे ही व्यवस्थाओं को अमलीजामा पहनाया जा रहा था.

इस संदर्भ में सिविल सर्जन जितेंद्र नाथ वर्मा से संपर्क करने की कोशिश की गई. लेकिन, वे कक्ष में उस वक्त मौजूद नहीं थे तथा उनके मोबाइल नंबर पर कॉल करने पर नेटवर्क प्रॉब्लम के कारण उनसे संपर्क नहीं हो सका. जिसकी वजह से उनका पक्ष ज्ञात नहीं हो सका. खबर चलाए जाने के बाद शायद व्यवस्थाओं में सुधार हो. लेकिन, फिलहाल स्थिति यथावत बनी हुई है.





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