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विटामिन 'ए' की छमाही खुराक अनुपूरण कार्यक्रम का 23 दिसंबर से होगा संचालन ..



- जिले के सभी प्रखंडों में 09 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को पिलाई जाएगी खुराक .
-  जिले की 1434 आशा कार्यक्रताओं की दी गयी जिम्मेदारी, उन्मुखीकरण हुआ संपन्न.
एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार लाने तथा उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के लिए 23 दिसंबर से लेकर 26 दिसंबर तक विटामिन 'ए' की छमाही खुराक अनुपूरण कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया है. इस क्रम में 09 माह से 05 वर्ष तक के दो लाख 23 हजार 720 बच्चों को लक्षित किया गया है. जिला स्वास्थ्य विभाग ने अभियान की सफलता के लिए सभी 1434 आशा कार्यकर्ताओं के कंधों पर जिम्मेदारी सौंपी है. इसके लिए सभी आशा कार्यकर्ताओं का उन्मुखीकरण संपन्न हो चुका है. वहीं, कार्यक्रम के संचालन के लिए जिला प्रखंड एवं ग्रामीण स्तर पर विभिन्न प्रकार के गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है, जिससे कार्यक्रम की सफलता शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जा सके.
आंगनबाड़ी केंद्रों पर व गृह भ्रमण के दौरान दी जाएगी खुराक :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राज किशोर सिंह ने बताया अभियान के सफल संचालन के लिए माइक्रोप्लान बनाया गया है. जिसमें पहले दिन सभी आशा अपने-अपने क्षेत्र अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों पर आरोग्य दिवस के तर्ज पर विटामिन-ए की खुराक बच्चों को पिलायेंगी. उसके दूसरे दिन गृह भ्रमण में बच्चों को खुराक पिलानी है. इसी प्रकार यह गतिविधि लगातार दोहराई जाएगी. इसके लिए आशा के कार्य क्षेत्र को एक वितरण केंद्र के रूप में चिन्हित किया गया है, जिससे प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को ज्ञात हो कि उनके कार्यक्षेत्र में 09 माह से 5 वर्ष तक के कितने बच्चे हैं. बच्चों को विटामिन 'ए' सिरप पिलाने के लिए सभी आशा से प्रतिदिन के हिसाब से कार्यक्रम के दौरान गृहभ्रमण की योजना की रिपोर्ट ली गयी है. साथ ही, बच्चों को विटामिन 'ए' की खुराक पिलाने के बाद आशा एमसीपी कार्ड तथा विटामिन 'ए' टैली शीट पर अंकित करेगी.
12 से पांच माह के बच्चों को पिलानी है दो एमएल विटामिन ‘ए’ की खुराक :
डॉ. सिंह ने बताया कार्यक्रम के तहत नौ से 11 माह तक के बच्चों को एक एमएल व 12 से पांच माह के बच्चों को दो एमएल विटामिन ‘ए’ की खुराक पिलानी है. नियमित टीकाकरण के दौरान विगत चार माह में जिन बच्चों को खसरे के टीके/बूस्टर डोज के साथ विटामिन ‘ए’ की खुराक पिलाई गई है, वैसे बच्चों को अभियान के दौरान विटामिन-ए की खुराक नहीं दी जानी है. उन्होंने बताया आशा अपने क्षेत्र में गृह भ्रमण के दौरान कोविड-19 के तहत बनाए गए प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मास्क, ग्लब्स का उपयोग करेंगी. बच्चों को दवा पिलाने से पहले आशा साबुन, सैनिटाइजर से अपने हाथों को साफ करेगी. सत्र स्थल पर शारीरिक दूरी का पालन आवश्यक होगा.
ऐसे पिलाई जाएगी बच्चों को विटामिन ए की ख़ुराक: 
कोरोना संक्रमण के मद्देनजर बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाते वक़्त आशा को सावधानी बरतने की सलाह दी गयी है. इसके लिए विटामिन ए सिरप के साथ उपलब्ध चम्मच पर खुराक निकाली जाएगी. इस चम्मच पर खुराक की मात्रा अंकित होगी. इसके बाद आशा उक्त बच्चे के घर द्वारा दी गयी चम्मच पर विटामिन ए की खुराक डालकर दवा सेवन कराना सुनिश्चित करेगी.    
प्रचार-प्रसार का लिया गया है सहारा :
डीपीएम संतोष कुमार ने बताया अभियान की सफलता को लेकर प्रचार-प्रसार किया गया है. सभी आशा कार्यकर्ताओं ने अपने क्षेत्र में समुदाय के लोगों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर कार्यक्रम की तिथि एवं विटामिन 'ए' के महत्व के बारे में जानकारी दी. सारी गतिविधियां चक्र से पूर्व ही संपन्न कर ली गई हैं. उन्होंने बताया विटामिन 'ए' की खुराक वितरण कार्यक्रम  जिले में 09 माह से 05 वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण कार्यक्रम है. इसमें स्वास्थ्य विभाग एवं आईसीडीएस के सभी स्तर का पूर्ण सहयोग सुनिश्चित किया गया है तथा इसे एक जिला स्तरीय महत्वपूर्ण गतिविधि के रूप में आयोजित किया जाएगा.





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