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कुपोषण को दूर करने के लिए जिले में शुरू होगा छोटे बच्चों का सर्वे..

 

- कुपोषित बच्चों के अभिभावकों को बनाया जाएगा आर्थिक संबल, सभी सरकारी योजनाओं का दिलाया जाएगा लाभ.

- मनरेगा के तहत दिलाया जाएगा रोजगार और आपूर्ति विभाग से बनवाया जाएगा राशन कार्ड.

- पायलट प्रोजेक्ट के तहत सिमरी से शुरू किया जाएगा अभियान, बाद में सभी प्रखंडों में होगा लागू.

एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: जिले से कुपोषण को दूर करने के लिए एकीकृत बाल विकास योजना (आईसीडीएस) ने एक योजना तैयार की है.  जिसके तहत जिले के सभी प्रखंडों में कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को चिन्हित करने के लिए सर्वे शुरू किया जाएगा. इसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तहत सिमरी प्रखंड से की जाएगी. योजना को कार्यान्वित करने की जिम्मेदारी डीएम अमन समीर ने सिमरी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) को दी है. इस क्रम में मंगलवार को सिमरी प्रखंड मुख्यालय में आईसीडीएस के अधिकारी व सिमरी परियोजना अंतर्गत सेविका व सहायिकाओं के अलावा अन्य कर्मियों की बैठक हुई है. जिसके बाद सभी अधिकारी व कर्मियों को उनकी जिम्मेदारी से अवगत कराया गया.


बच्चों की दिनचर्या की निगरानी करेंगी सेविकाएं और सहायिकाएं :
सिमरी सीडीपीओ संगीता कुमारी ने बताया योजना के तहत सबसे पहले सभी आंगनबाड़ी क्षेत्र में डोर-टू-डोर जाकर छह वर्ष तक के बच्चों की उम्र के हिसाब से लंबाई व वजन की मापी होगी. जिसके बाद प्रत्येक आंगनबाड़ी सेविका एक रिपोर्ट तैयार कर कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को चिन्हित करेंगी. तत्पश्चात कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों के अभिभावकों को कुपोषण दूर करने की पूरी जानकारी दी जाएगी. बच्चों के माता-पिता को खानपान व्यवस्थित करने के साथ-साथ बच्चों के खेलकूद, व्यायाम और पूरी नींद की महत्ता बताई जाएगी. साथ ही, चिन्हित बच्चों की साप्ताहिक निगरानी की जाएगी. जिसमें बच्चे के व्यवहार, खानपान, दिनचर्या आदि में सुधार लाया जाएगा. ताकि, उक्त बच्चे को सुपोषित बनाया जा सके. 


योजना के संबंध में डीसी महेंद्र कुमार ने बताया योजना के तहत ऐसे परिवारों को चिन्हित किया जाएगा, जो गरीबी के कारण अपने बच्चों को संपूर्ण पोषण नहीं दे पाते हैं. उन परिवार के अभिभावकों को मनरेगा के तहत जॉब कार्ड बनाया जाएगा. ताकि, वह अपने आप को आर्थिक संबल बना सके। उसके बाद चिकित्सा विभाग के द्वारा काउंसिलिंग कर कुपोषण दूर करने के लिए बीमारी, रोग आदि दूर करने का प्रयास किया जाएगा. तत्पश्चात जीविका के माध्यम से उनको पोषण संबंधित समस्याओं व उसको दूर करने की जानकारी दी जाएगी. ऐसे परिवार को पीडीएस से टैग करने के लिए आपूर्ति विभाग की मदद ली जाएगी. ताकि, उक्त परिवार को पूरी तरह से संबल बनाकर उनके परिवार व बच्चों को सुपोषित बनाया जा सके.
योजना की सफलता के बाद पूरे जिले में कराया जाएगा लागू : 
आईसीडीएस की जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (डीपीओ) तरणि कुमारी ने बताया कि उक्त योजना सिमारी सीडीपीओ संगीता कुमारी की सोच है. जो काफी सराहनीय है. सिमारी सीडीपीओ ने डीएम अमन समीर से इस योजना के संबंध में स्वीकृति प्राप्त की है. जिसके सफल संचालन में कई विभागों की मदद ली जाएगी. सिमारी ने योजना की सफलता के बाद पूरे जिले में इस योजना के तहत कार्य किया जाएगा. ताकि, जिले को पूरी तरह से सुपोषित किया जा सके. सर्वे के दौरान कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा न हो इसके लिए सभी अधिकारी व कर्मियों को कोविड-19 के नियमों का पालन करने का निर्देश दिया गया है.






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