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विभिन्न प्रखंडों में शिशुओं व बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाकर कार्यक्रम का किया गया शुभारंभ..



- 26 दिसंबर तक आंगनबाड़ी केंद्रों व गृह भ्रमण कर आशा कार्यकर्ता बच्चों को देंगी दवा.
- चार दिनों के कार्यक्रम में जिले के 2.23 लाख बच्चों का लक्ष्य किया गया है निर्धारित.


एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: जिले के सभी प्रखंडों में बुधवार को विटामीन-ए की खुराक पिलाने के लिए चार दिवसीय अभियान शुरू किया गया है. जिसे लेकर सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ-साथ गृह भ्रमण के दौरान नौ माह से लेकर पांच वर्ष तक के बच्चों को उम्र के हिसाब से विटामिन-ए की खुराक पिलाई जाएगी. इसके लिए जिले के दो लाख 23 हजार 720 बच्चों को लक्षित किया गया है. जिसका दायित्व जिले की 1434 आशा कार्यकर्ताओं को दिया गया है. इस क्रम में सदर प्रखंड के मठिया टोला स्थित अनुसूचित जाती आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को विटामिन-ए की खुराक देकर अभियान की शुरुआत की गई है. मौके पर सदर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सक डॉ. सुधीर कुमार, बीसीएम प्रिंस कुमार, आशा कार्यकर्ता व आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका मौजूद रही.



बीमारियों से बचाने में विटामिन-ए होता है मददगार :
प्रभारी चिकित्सक डॉ. सुधीर कुमार ने बताया विटामिन-ए छमाही कार्यक्रम 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों में रोग प्रतिरोधक की क्षमता को बढ़ाने के लिए शुरू किया गया है. विटामिन- ए आंखों से देखने के लिए अत्यंत आवश्यक होता है. साथ ही यह बीमारी से बचने के काम आता है. यह शरीर में अनेक अंगों को सामान्य रूप में बनाए रखने में मदद करता है, जैसे त्वचा, बाल, नाखून, ग्रन्थि, दांत, मसूड़ा और हड्डी। सबसे जरूरी यह है कि विटामिन-ए के अभाव में बच्चों में दृष्टि दोष उत्पन्न हो जाता है. साथ ही, उनके आंखों में आंसू की कमी से आंख सूख जाना और उसमें घाव भी हो सकता है. विटामिन-ए की कमी से बच्चों के शारीरिक विकास पर भी असर हो सकता है. इन्हीं बीमारियों व कमियों को देखते हुए बच्चों को विटामिन-ए की खुराक दी जाती है.
पहले दिन आंगनबाड़ी केंद्रों पर आरोग्य दिवस का हुआ आयोजन :
डॉ. सुधीर कुमार ने बताया राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देशानुसार विटामिन-ए अनुपूरण कार्यक्रम चार दिनों तक चलाया जाएगा. 23 से 26 दिसम्बर तक होने वाले इस कार्यक्रम के पहले दिन 23 दिसंबर को आरोग्य दिवस केंद्र पर बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाई जाएगी. दूसरे दिन आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर बच्चों को देंगी. तीसरे दिन केंद्रों पर फिर आरोग्य दिवस का आयोजन होगा और अंतिम दिन गृह-भ्रमण कर आशा कार्यकर्ता बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलायेंगी. हालांकि, इस बीच 25 दिसंबर को बड़े दिन की छुट्टी होगी, जिसे देखते हुए आशा अपने सुविधा अनुसार कार्यक्रम का संचालन करेंगी. इस बीच नौ माह से पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलानी है. ऐसे बच्चे जिन्हें छह माह के भीतर विटामिन-ए की दवा ले चुके हैं, उन्हें यह खुराक नहीं दी जाएगी. साथ ही सर्दी, खांसी व बुखार से ग्रसित बच्चों को भी यह खुराक नहीं दिया जाएगा.





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