एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर : कोरोना संकट काल में युवा समाजसेवी अजय राय अपने स्तर से अहम भूमिका निभाते नजर आए. कोरोना संकट काल में लागू लॉक डाउन में त्रस्त पड़े डुमराँव नगर के गरीब व असहाय लोगो तक निरन्तर खाद्य पदार्थ पहुंचाने के साथ-साथ ही उनके द्वारा कई बार साबुन व मास्क का भी वितरण किया गया. इसके अलावा उनके द्वारा क्वॉरेंटाइन सेंटर पर भी राहत सामग्री पहुँचाने का काम किया गया. वहीं, दुसरी तरफ उनके द्वारा सोशल डिस्टेंशिंग को पूर्णतः प्रभावी बनाने के लिए सब्जी मंडी में दुकानो के आगे मास्क नही तो सब्जी नही का तख्ती लगाया गया. उन्होंने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर चलाए गए इस अभियान से प्रभावित होकर जिला पदाधिकारी ने भी ट्वीट कर के इनके कार्यो की सराहना की. जिला पदाधिकारी ने इस तरह के अभियान को ग्रामीण स्तर तक चलाने को लेकर जिलेवासियों को सन्देश भी दिए. इसके अलावा अजय राय द्वारा साईकिल पर पोस्टर और ध्वनि विस्तारक के माध्यम से भी नगर का भ्रमण कर लोगो को आवश्यक घर से बाहर न निकलने और समाजिक दूरी बनाए रखने के साथ- साथ इस प्रकार के कई ऐसे छोटे-बड़े अभियान चला लोगो में जागरुकता लाने का प्रयास किया गया. जिसका सार्थक परिणाम भी सामने आया है. युवा समाजसेवी संकट काल में इस तरह के अभियान चलाकर आज के युवाओ के लिए एक मिशाल बन कर सामने आए हैं. जिले में युवा समाजसेवी अजय राय की पहचान जलपुत्र के तौर पर भी जानी जाती है. अजय पशु-पक्षियों के लिए भी आए दिन अपने छत पर एक कटोरा में दाना और पानी देते रहे हैं. युवा समाजसेवी के द्वारा चलाए गए इन अभियानों से सीख लेकर युवा पीढ़ी को संकट के समय में समाजिक कार्यों में अपना योगदान देने का प्रण लेना चाहिए. युवाओं के इन छोटे-छोटे प्रयासों से निश्चित ही समाज में सार्थक संदेश पहुंचेगा. युवा समाजसेवी अजय राय के द्वारा संकट काल में उनके द्वारा चलाए गए विभिन्न अभियानों की चौतरफा प्रशंसा हो रही है. उन्होंने कहा कि संकट के समय में जरूरतमंदों की मदद कर एवं लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाकर उन्हें आत्मिक सुख का अहसास होता है. युवाओं को इस तरह के अभियान चलाकर जरूरतमंदों की मदद के साथ साथ समाज में जागरूकता लाने की पहल करनी चाहिए.
साइबर सेल एवं बक्सर पुलिस को चुनौती देकर सोशल मीडिया पर हथियार प्रदर्शन करते वायरल हुआ युवकों का तस्वीर, जाँच में जुटी पुलिस..
- 6 जनवरी 2026 को औद्योगिक थाना में दी गई थी लिखित आवेदन। - पुलिस के गिरफ्त से आरोपित अब तक बहार पीड़ित पक्ष भयभीत। एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: भारत में सार्वजनिक स्थानों पर सरकारी या गैर-सरकारी, बिना लाइसेंस वाले हथियारों का प्रदर्शन एक गंभीर दंडनीय अपराध है। यहां तक कि वैध लाइसेंस वाले हथियारों का सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन (नुमाइश/ब्रांडिशिंग) करना भी सख्त वर्जित है। जो कि एक अपराध की श्रेणी में आता है। भारतीय शस्त्र अधिनियम, 1959 और शस्त्र नियम, 2016 इस पर सख्त प्रावधान लागू करते हैं। अवैध हथियार रखना या प्रदर्शन, बिना लाइसेंस के हथियार रखना, उपयोग करना या उनका सार्वजनिक प्रदर्शन करना एक दंडनीय अपराध है. जिसमें 3 साल से लेकर 7 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है. कुछ मामलों में आजीवन कारावास का भी प्रावधान है। यदि आपके पास वैध लाइसेंस है, तब भी आप सार्वजनिक रूप से हथियार की नुमाइश नहीं कर सकते। हथियार को एक निर्धारित होल्डर या कवर में, पूरी तरह से ढका हुआ रखना अनिवार्य है। जिस पर आपका प्रभावी नियंत्रण हो। सार्वजनिक स्थानों पर हवाई फायरिंग या हथियार चमकाना सख्त मना है।पुलिस ऐसे माम...


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