एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: सूचना सह जनसंपर्क पदाधिकारी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि, 8 जून सोमवार को जिला पदाधिकारी अमन समीर की अध्यक्षता में जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक समाहरणालय सभागार में आहूत की गई. जिला पदाधिकारी ने जिला कृषि टास्क फोर्स से संबंधित सभी विभागों के कार्यालय प्रधान को बैठक में पूरी तैयारी एवं अद्यतन प्रतिवेदन के साथ आने का सख्त निर्देश दिया. बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि कृषि इनपुट अनुदान हेतु बक्सर जिला के लिए फरवरी एवं मार्च 2020 में विभाग का पोर्टल खुला था जहां ऑनलाइन आवेदन दिया गया. जिला में उर्वरक की पर्याप्त मात्रा का भंडारण होने की जानकारी दी गई. जिला पदाधिकारी ने इस संबंध में जिला उर्वरक समिति की बैठक अलग से 15 जून को करने का आदेश निर्गत किया. जैविक खेती को जिला में बढ़ावा देने के लिए एक उपसमिति बनाने का निर्देश जिला पदाधिकारी के द्वारा दिया गया. जिसमें आत्मा के परियोजना निर्देशक जिला पशुपालन पदाधिकारी जिला कृषि पदाधिकारी एवं कृषि वैज्ञानिक सलाहकार सम्मिलित होंगे. जिलाधिकारी ने जिला में चिकित्सकीय पौधों को लगाने हेतु कृषकों को बढ़ावा देने हेतु कार्य योजना बनाने का भी निर्देश जारी किया. बैठक के दौरान विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंताओं को कृषि फीडर से कृषको को अविलंब विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने की पहल करने को कहा गया. वर्षा भाव की स्थिति में सिंचाई हेतु सभी वैकल्पिक साधनों को सुदृढ़ीकरण हेतु अविलंब कार्य आरंभ करने को भी कहा गया. बैठक में जिला पशुपालन पदाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि, जिला में कुल 21 पशु अस्पताल कार्यरत है. जिसमें से एक 24 * 7 कार्यरत रहता है. पशुपालन पदाधिकारी के द्वारा पशुओं के टीकाकरण का कार्य समाप्त हो जाने की जानकारी दी गई. जिला सांख्यिकी पदाधिकारी ने सभी पंचायतों से रेन गेज लगाने हेतु सरकार के योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि, अधिकांश पंचायतों में अस्थल के अभाव के कारण अभी तक रेनगेज नहीं लगाया जा सका है. इस पर जिलाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि, वे कृषि सलाहकार को स्थल खोजने हेतु निर्देशित करें. साथ ही जिला शिक्षा पदाधिकारी से संपर्क कर पंचायतों में विद्यालय परिसर की जानकारी लेने का निर्देश दिया गया. बैठक के दौरान जिला मत्स्य पदाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि अनुसूचित जाति/ जनजाति समुदाय हेतु बायो फ्लॉक एवं तालाब निर्माण के लिए सरकारी सहायता प्राप्त करने हेतु आवेदन नहीं प्राप्त हो पा रहा है. इस वजह से इन योजनाओं में उपलब्धि कम है. उन्होंने जानकारी दिया कि, बायो फ्लॉक के तहत मत्स्य पालन हेतु 3.5 कट्ठा जमीन की आवश्यकता होती है. कुल 8 लाख की योजना में 75% राशि सरकारी सहायता राशि के रूप में देय होती है. उसी प्रकार तालाब निर्माण हेतु सरकारी सहायता के रूप में कुल लागत का 40% राशि अनुसूचित जाति/जनजाति समुदाय के लोगों को दी जाती है. इसमें सरकार के द्वारा सात लाख प्रति हेक्टेयर की दर निर्धारित की गई है. इस बाबत जिला पदाधिकारी ने जिला मत्स्य पदाधिकारी को इस आशय का पत्र जिला कल्याण पदाधिकारी को आज ही प्रेषित करने का निर्देश जारी किया. ताकि, जिला कल्याण पदाधिकारी विकास मित्र की सहायता से इन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार अनुसूचित जाति/जनजाति समुदाय के बीच करा सकें. बैठक में जिला कृषि टास्क फोर्स के सदस्यगण उपस्थित थे. अनुपस्थित सदस्य गणों से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश जिला पदाधिकारी के द्वारा जारी किया गया.
साइबर सेल एवं बक्सर पुलिस को चुनौती देकर सोशल मीडिया पर हथियार प्रदर्शन करते वायरल हुआ युवकों का तस्वीर, जाँच में जुटी पुलिस..
- 6 जनवरी 2026 को औद्योगिक थाना में दी गई थी लिखित आवेदन। - पुलिस के गिरफ्त से आरोपित अब तक बहार पीड़ित पक्ष भयभीत। एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: भारत में सार्वजनिक स्थानों पर सरकारी या गैर-सरकारी, बिना लाइसेंस वाले हथियारों का प्रदर्शन एक गंभीर दंडनीय अपराध है। यहां तक कि वैध लाइसेंस वाले हथियारों का सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन (नुमाइश/ब्रांडिशिंग) करना भी सख्त वर्जित है। जो कि एक अपराध की श्रेणी में आता है। भारतीय शस्त्र अधिनियम, 1959 और शस्त्र नियम, 2016 इस पर सख्त प्रावधान लागू करते हैं। अवैध हथियार रखना या प्रदर्शन, बिना लाइसेंस के हथियार रखना, उपयोग करना या उनका सार्वजनिक प्रदर्शन करना एक दंडनीय अपराध है. जिसमें 3 साल से लेकर 7 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है. कुछ मामलों में आजीवन कारावास का भी प्रावधान है। यदि आपके पास वैध लाइसेंस है, तब भी आप सार्वजनिक रूप से हथियार की नुमाइश नहीं कर सकते। हथियार को एक निर्धारित होल्डर या कवर में, पूरी तरह से ढका हुआ रखना अनिवार्य है। जिस पर आपका प्रभावी नियंत्रण हो। सार्वजनिक स्थानों पर हवाई फायरिंग या हथियार चमकाना सख्त मना है।पुलिस ऐसे माम...


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