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बाल श्रम उन्मूलन के खिलाफ चलेगा अभियान, सुकन्या योजना का लाभ जरूरतमंदों के बीच उपलब्ध कराना प्राथमिकता- डॉ शशांक शेखर..

एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: बच्चों के जिंदगी को सही राह देने में अभिभावकों का अहम योगदान है. किशोर अवस्था की भावना जन्मजात नही होती बल्कि एक सीखा गया व्यवहार है. बच्चों को समाज मे व्याप्त कुरीतियों के प्रति जागरूक करे. उक्त बातें बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ शशांक शेखर ने कही. रविवार को डुमरांव के एक सभागार में शिवपूजन प्रसाद वर्मा सेवा संस्थान द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि  उन्होंने कहा कि अशिक्षा सभी सामाजिक बुराइयों की जड़ है. पढा-लिखा इंसान ही देश और समाज के विकास में अपना रोल अदा कर सकता है. डॉ शेखर ने कहा कि सरकार द्वारा मिली जिम्मेदारियों को बखूबी निर्वहन करते हुए आपदा में  संकटग्रस्त बच्चों पता है बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान करना और मां की गोद को किलकारियों से भरने का का काम प्राथमिकता सूची में है. उन्होंने कहा कि जिले में बाल श्रम के खिलाफ अभियान चलेगा और परिवारिक सुकन्या योजना का लाभ जरूरतमंदों के बीच उपलब्ध कराने की दिशा में समिति कार्य करेगी.


वहीं, बाल कल्याण समिति के सदस्य नवीन पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि, सामाजिक बुराई के प्रति बच्चों के साथ-साथ आम लोगों को भी जागरूक होना चाहिए. बच्चों का जीवन देश के लिए अनमोल रत्न है. इसे अच्छे संस्कार और शिक्षा के प्रति समर्पित करनी चाहिए. अतिथियों ने शिवपूजन वर्मा के तैल्य चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया. संस्था के अध्यक्ष सोनू वर्मा ने आगत अतिथियों सहित ग्राम के पत्रकारों और समाजसेवियों को पुष्प गुच्छ व अंग वस्त्र देकर सम्मान दिया. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिवक्ता शंभूशरण नवीन और संचालन शत्रुघ्न प्रसाद गुप्ता ने किया.



मौके पर वरिष्ठ पत्रकार शिवजी पाठक, अभयानंद पांडेय, डॉ रसीद अहमद, डॉ अजय सिंह, डॉ प्रमोद कुमार, राजीव कुमार भगत, अमरनाथ केशरी, भगवान वर्मा, अंकित केशरी, सूरजभान, सहित दर्जनों कोरोना वरियर्स व समाजसेवी मौजूद थे.




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