Skip to main content

सर्दियों में गर्भवती महिलाओं को खानपान का रखना होगा विशेष ध्यान..


- ठंड के मौसम में वायरल इंफेक्शन, सर्दी-जुकाम आदि बीमारियों का बढ़ जाता है खतरा.

- कोरोना काल में सर्दियों के दौरान संक्रमण से बचने के लिए नियमों का पालन जरूरी.

एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: जिले में सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है। ऐसे में लोगों को कोरोना के साथ-साथ ठंड से भी बचाव करना बेहद जरूरी है ताकि वे बीमारियों की चपेट न आ सके. ठंड के मौसम में बच्चों व वृद्धों के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं का भी विशेष ध्यान रखना होगा. स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नमिता सिंह ने बताया सर्दियों में महिलाओं के लिए गर्भावस्था गर्मियों के मौसम से आसान रहती है क्योंकि इस दौरान आपके शरीर का आंतरिक गर्म तापमान बाहर के ठंडे तापमान से संतुलित हो जाता है और आपकी असहजता कम होती है. लेकिन इस दौरान वायरल इंफेक्शन, सर्दी-जुकाम आदि समस्याएं भी झेलनी पड़ती हैं. ऐसे में जरुरी है कि वह सही आहार लें जो आपके शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करें. ताकि, जच्चा-बच्चा दोनों स्वास्थ रहें.

इम्यून सिस्टम को बूस्ट करता है एंटीऑक्सीडेंट्स :
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नमिता सिंह ने बताया सर्दियों में गर्भवती महिलाओं को गाढ़े रंग की सब्जियां व फल खाने चाहिए. इन गाढ़े रंग की सब्जियों व फलों में एंटीऑक्सीडेंट्स की पर्याप्त मात्रा होती है. एंटीऑक्सीडेंट्स इम्यून सिस्टम को बूस्ट करके गर्भावस्था के दौरान आपको वायरल, बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन से बचाते हैं. इस दौरान अक्सर कब्ज की समस्या हो जाती है, जिससे बचने के लिए आपको अपने आहार में फाइबर की सही मात्रा शामिल करनी चाहिए. इससे आपका पाचन तंत्र तंदरुस्त रहता है. फलों और सब्जियों का सही मात्रा में सेवन करने से प्रचुर विटामिन और मिनरल्स मिलते हैं. गर्भावस्था के दौरान खुद को हाइड्रेटेड और उर्जावान रखने के लिए दिन में 8-10 गिलास पानी व फलों का जूस आदि का सेवन भी कर सकती हैं.
नवजात बच्चों को बीमारियों से बचाता है मां का दूध :
शिशु रोग विशेष डॉ. रवि भूषण श्रीवास्तव के अनुसार मां का दूध बच्चों के शारीरिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान निभाता है. इससे बच्चे की इम्यूनिटी भी मजबूत होती है, जो बड़े होने तक उसका साथ निभाती है. बच्चे के पैदा होने के बाद कोलोस्ट्रम, जो मां का पहला दूध ब्रेस्ट में बनता है. वहीं, दूध बच्चे को डायरिया, चेस्ट इन्फेक्शन और दूसरे रोगों से बचाता है. उन्होंने बताया मां के दूध में फैटी एसिड मौजूद होता है, जो बच्चे के मानसिक विकास में भी मददगार साबित होता है. सर्दियों में मां का दूध नवजात बच्चों के लिए बेहद फायदेमंद होता है. जो शिशुओं के शरीर के तापमान को स्थिर रखता है. इसके अलावा बच्चों को ठंड से बचाने के लिए महिलाओं को कंगारू मदर केयर भी कारगर साबित होगा. 
गर्भवती महिलाओं को ठंड के साथ कोरोना से बचना जरूरी : 
सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ ने बताया कोरोनाकाल में जहां गर्भवती महिलाओं को कोरोना के साथ-साथ ठंढ से बचाव करना होगा. साथ ही, शिशुओं का भी विशेष ख्यान रखना होगा. गर्भवती महिलाएं जांच के लिए अस्पताल जाने के क्रम में कोविड-19 के सभी स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल का पालन करें. बिना मास्क के घर से बाहर न निकले. अस्पताल में शरीरिक दूरी का पालन करते हुए जांच कराएं. घर आने के बाद खुद को व अपने कपड़ों को सैनिटाइज करें. इसके साथ ही घर में कोई छोटा बच्चा हो, तो उनके लिए भी इन नियमों का पालन करना जरूरी है.





Comments

Popular posts from this blog

साइबर सेल एवं बक्सर पुलिस को चुनौती देकर सोशल मीडिया पर हथियार प्रदर्शन करते वायरल हुआ युवकों का तस्वीर, जाँच में जुटी पुलिस..

- 6 जनवरी 2026 को औद्योगिक थाना में दी गई थी लिखित आवेदन। - पुलिस के गिरफ्त से आरोपित अब तक बहार पीड़ित पक्ष भयभीत। एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: भारत में सार्वजनिक स्थानों पर सरकारी या गैर-सरकारी, बिना लाइसेंस वाले हथियारों का प्रदर्शन एक गंभीर दंडनीय अपराध है। यहां तक कि वैध लाइसेंस वाले हथियारों का सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन (नुमाइश/ब्रांडिशिंग) करना भी सख्त वर्जित है। जो कि एक अपराध की श्रेणी में आता है। भारतीय शस्त्र अधिनियम, 1959 और शस्त्र नियम, 2016 इस पर सख्त प्रावधान लागू करते हैं। अवैध हथियार रखना या प्रदर्शन, बिना लाइसेंस के हथियार रखना, उपयोग करना या उनका सार्वजनिक प्रदर्शन करना एक दंडनीय अपराध है. जिसमें 3 साल से लेकर 7 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है.  कुछ मामलों में आजीवन कारावास का भी प्रावधान है। यदि आपके पास वैध लाइसेंस है, तब भी आप सार्वजनिक रूप से हथियार की नुमाइश नहीं कर सकते। हथियार को एक निर्धारित होल्डर या कवर में, पूरी तरह से ढका हुआ रखना अनिवार्य है। जिस पर आपका प्रभावी नियंत्रण हो। सार्वजनिक स्थानों पर हवाई फायरिंग या हथियार चमकाना सख्त मना है।पुलिस ऐसे माम...

भाई के साथ कोचिंग जा रही किशोरी को अग़वा कर 3 लोगों ने किया गलत काम, पुलिस के तत्परता से तीनों आरोपी गिरफ्तार।

- मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दिखाई तत्परता तीनों आरोपी गिरफ्तार। - भाई ने पुलिस के समक्ष दी पूरी घटना की जानकारी, पुलिस कर रही है पूछताछ। एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर:  घर से कोचिंग पढ़ने जा रही एक किशोरी को 3 लोगो ने रोक कर अग़वा कर लिया। उसके बाद उसे कुछ दुरी पर ले गए और एक झोपड़ी में उसके साथ गलत काम किए। जिस वक़्त यह घटना घटी किशोरी का भाई भी वहां मौजूद था। किशोरी का भाई उसे बाइक से कोचिंग ले जा रहा था। शनिवार सुबह 8 बजे कि यह घटना बताई जा रही है। बक्सर एसपी ने पूछने पर कहा कि मेडिकल जाँच के बाद आगे कि कार्रवाई होगी। फिलहाल पुलिस अपने स्तर से मामले कि जाँच कर रही है। सूत्रों के हवाले से प्राप्त जानकारी के मुताबिक तीनो आरोपी पुलिस के गिरफ्त में हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। घटना की सीमा दो थाना क्षेत्र में पड़ती है। किशोरी सुबह बाइक से अपने भाई के साथ कोचिंग जा रही थी तभी राह में दंगौली पुल के पास 3 युवकों ने मिलकर उनकी बाइक रोकी और इस घटना को अंजाम दिया।नावानगर थाना की सीमा में यह जगह आता है। तीनो आरोपी दूसरी बाइक पर बैठाकर कड़सर गांव के समीप एक सुनसान झोपड़ी में किशोरी क...

जिले में कानून व्यवस्था को झंकझोर देने वाले अहियापुर ट्रिपल मर्डर केस में मुख्य आरोपियों ने किया सरेंडर, रिमांड पर ले सकती है पुलिस..

-बढ़ते पुलिस दबाव एवं कुर्की जब्ती की तेज प्रक्रिया का हुआ असर.  -पूर्व में भी दो नामजद कर चुके हैं न्यायलय में आत्मसमर्पण. एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: राजपुर थाना क्षेत्र के अहियापुर में हुए ट्रिपल मर्डर केस में फरार चल रहे मुख्य आरोपियों ने न्यायालय में सोमवार को आत्मसमर्पण कर दिया है. राजपुर थानाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश सिंह से मिली जानकारी के मुताबिक न्यायालय में आत्मसमर्पण करने वालों में बटेश्वर यादव, मनोज यादव संजय उर्फ संतोष यादव शामिल हैं. बताते चले कि इस हत्याकांड में आरोपी महेंद्र यादव व सलीम अंसारी पूर्व में हीं न्यायलय में आत्म समर्पण कर चुके हैं. जिनको पुलिस के द्वारा रिमांड पर लेकर पूछताछ करने हेतु न्यायालय में अर्जी भी दिया जा चुका है.   बता दे की अहियापुर गांव में अपराधियों के द्वारा एक ही परिवार के तीन लोगों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था. यह घटना बक्सर जिला समेत पूरे बिहार में चर्चा का विषय बन गया था और सुशासन की सरकार पर सवाल खड़ा कर रहा था. इस घटना ने  जिले के कानून व्यवस्था को झंकझोर कर रख दिया था.  इस घटना में प्राथमिक दर्ज होने के बाद ब...