एक्सप्रेस न्यूज, बक्सर: डुमरांव में वर्षों से जाम की समस्या नासूर बनी बनी हुई है. जिससे निजात दिलाने के लिए युवा समाजसेवी अजय राय ने जिलाधिकारी अमन समीर को ज्ञापन सौंपा. उन्होंने अपने पत्र में नगर में प्रतिदिन लगने वाली जाम की समस्या से निजात दिलाने हेतु बस तथा ऑटो स्टैण्ड की स्थाई एवं नियत व्यवस्था करने के मांग की. बताते चले कि डुमरांव में बाईपास न होने कारण नगर में प्रतिदिन घण्टो की समस्या बनी रहती है. जिससे लोगो को बहुत सारे परेशानियों का सामना करना पड़ता है. खासकर , ऑफिस के समय जाने जाम लगने से सरकारी तथा निजी कार्यलयों के कर्मियों के साथ ही स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रो एवं आम नागरिकों की दिनचर्या प्रभावित होती है. जिसके बाद युवा समाजसेवी अजय राय ने डुमरांव में बस तथा ऑटो स्टैंड की स्थाई एवं नियत वयस्था को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा. वहीं, डुमरांंव में ऑटो तथा बस स्टैंड की उचित व्यवस्था कराए जाने पर नगरवासियों में व्याप्त आक्रोश है तो दूसरी तरफ अजय द्वारा नगर को जाम की समस्या से निजात दिलाने की लड़ाई में लोगो का समर्थन भी मिल रहा है. अजय के इस मांग पत्र को जिलाधिकारी अमन समीर ने गम्भीरता से लेते हुए चुनाव सम्पन्न होने के बाद स्वयं डुमरांव आकर भगौलिक परिदृश्य को भांपकर तथा लगने वाली जाम की कारण की जांच कर नगर में स्थाई रूप से बस तथा ऑटो स्टैंड की व्यवस्था कराई जाएगी. ज्ञात हो कि अजय राय ने तत्कालीन डीएम राघवेंद्र सिंह को भी जाम की समस्या से निजात दिलाने को लेकर ज्ञापन सौंपा था. जिसके बाद उन्होंने सरकार द्वारा जमीन की खोज कर बस तथा ऑटो स्टैंड को किसी स्थाई जगह स्थानांतरित कराने की बातें कही थी. लेकिन , अब तक इसका कोई निदान नही निकल सका. इसको लेकर अजय ने कहा की नगरवासियों को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए लाठी भी अगर खाना पड़े तो खाऊंगा.
साइबर सेल एवं बक्सर पुलिस को चुनौती देकर सोशल मीडिया पर हथियार प्रदर्शन करते वायरल हुआ युवकों का तस्वीर, जाँच में जुटी पुलिस..
- 6 जनवरी 2026 को औद्योगिक थाना में दी गई थी लिखित आवेदन। - पुलिस के गिरफ्त से आरोपित अब तक बहार पीड़ित पक्ष भयभीत। एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: भारत में सार्वजनिक स्थानों पर सरकारी या गैर-सरकारी, बिना लाइसेंस वाले हथियारों का प्रदर्शन एक गंभीर दंडनीय अपराध है। यहां तक कि वैध लाइसेंस वाले हथियारों का सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन (नुमाइश/ब्रांडिशिंग) करना भी सख्त वर्जित है। जो कि एक अपराध की श्रेणी में आता है। भारतीय शस्त्र अधिनियम, 1959 और शस्त्र नियम, 2016 इस पर सख्त प्रावधान लागू करते हैं। अवैध हथियार रखना या प्रदर्शन, बिना लाइसेंस के हथियार रखना, उपयोग करना या उनका सार्वजनिक प्रदर्शन करना एक दंडनीय अपराध है. जिसमें 3 साल से लेकर 7 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है. कुछ मामलों में आजीवन कारावास का भी प्रावधान है। यदि आपके पास वैध लाइसेंस है, तब भी आप सार्वजनिक रूप से हथियार की नुमाइश नहीं कर सकते। हथियार को एक निर्धारित होल्डर या कवर में, पूरी तरह से ढका हुआ रखना अनिवार्य है। जिस पर आपका प्रभावी नियंत्रण हो। सार्वजनिक स्थानों पर हवाई फायरिंग या हथियार चमकाना सख्त मना है।पुलिस ऐसे माम...




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