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सदर अस्पताल के सफाई कर्मियों ने एजेंसी के विरुद्ध खोला मोर्चा, स्वास्थ विभाग के आला अधिकारियों के बीच मचा हड़कंप..



एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: बक्सर सदर अस्पताल में कार्य करने वाली सफाई कर्मियों ने वेतन बढ़ोतरी तथा नौकरी को स्थाई किए जाने को लेकर गुरुवार को मोर्चा खोल दिया. जैसे ही यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को हुई उनके बीच हड़कंप का माहौल उत्पन्न हो गया. आनन-फानन में कार्यकारी एजेंसी के प्रतिनिधि को बुलाया गया तथा सफाई कर्मियों की बातों को उनके समक्ष रखा गया. साथ में ही एक सप्ताह के अंदर सफाई कर्मियों की मांगों पर विचार करते हुए उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया गया.


दरअसल, सफाई कर्मियों का कहना है कि, वेतन बढ़ोतरी के साथ-साथ उनकी नौकरी को भी स्थाई किया जाए. इसके साथ ही उनके वेतन से काटे जाने वाले पीएफ का भी हिसाब उन्हें दिया जाए. सफाई कर्मी चिंता देवी, पाना देवी, आशा देवी, पार्वती देवी, मुन्नी देवी, मंजू देवी तथा अन्य ने बताया कि जिस ठेकेदार के द्वारा उन्हें सदर अस्पताल में सफाई का कार्य दिलाया गया है उनके द्वारा निर्धारित वेतन 55 सौ में से केवल 4 हज़ार रुपये उन्हें दिए जाते हैं. कहा जाता है कि, बाकी डेढ़ हज़ार रुपये बतौर पीएफ कट रहा है. लेकिन, आज तक पीएफ का कोई कागज उन्हें नहीं दिया गया है. ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि डेढ़ हजार रुपयों की कटौती क्यों हो रही है?


इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि बाहर से जो लोग अस्पताल में कार्य करने के लिए आते हैं उन्हें तीन सौ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से प्रदान किया जाता है. ऐसे में उनको मिलने वाला वेतन काफी कम है इन्हीं सब मांगों को लेकर उनका विरोध है. अगर उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वह चरणबद्ध आंदोलन को बाध्य होंगी. उधर, इस संदर्भ में पूछे जाने पर अस्पताल प्रबंधक दुष्यंत कुमार ने बताया कि सफाई कर्मी आउटसोर्सिंग के माध्यम से हैं. संबंधित एजेंसी कृष्णा कंसलटेंट के प्रतिनिधि को बुलाकर 1 हफ्ते के अंदर मामले में कार्रवाई करने की बात कही गई है.


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