एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर : कोरोना संक्रमण के गंभीर खतरे को लेकर स्थानीय राज हाईस्कूल में शेल्टर होम खोला गया. शेल्टर होम में रहने के लिए अब तक कोई बाहरी व्यक्ति नहीं आया है. ऐसे में शेल्टर होम उन लोगों का राह देख रहा है, जो इसमें आश्रय ले सकते हैं. जो आया भी वह एकाध दिन रहकर निकल गया. हालांकि, कोरोना संक्रमण की इस वर्तमान दौर में अंचल कार्यालय के प्रतिनियुक्त कर्मी अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद दिखें.
अनुमंडल पदाधिकारी हरेंद्र राम ने शेल्टर होम के संचालन और देखरेख की जिम्मेदारी स्थानीय अंचल कर्मियों के जिम्में दे रखी है. 24 घंटा सेवा देने के लिए तीन-तीन शिफ्ट में कर्मी प्रतिनियुक्त किए गए हैं. ताकि, यहां ठहरनेवाले लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. आनेवाले लोगों के लिए भरपूर राशन और जलावन का प्रबंध है. रसोईया भी तैनात है. बाहरी लोगों के ठहरने के लिए कुल 40 बेड भी लगाए गए हैं. जिससे लोगों को रहने-खाने में किसी तरह की दिक्कत ना हो. 27 मार्च से खुला डुमरांव का इस आश्रय केंद्र में शुरू में स्थानीय गरीब आए और खाकर चले गए. कुछ राह चलते बाहरी लोग भी आए और सरकार द्वारा किए गए इस व्यवस्था का लाभ उठाएं. लेकिन, ठहरने या रात गुजारने वाला कोई नहीं मिला. केंद्र पर प्रतिनियुक्त अंचल कर्मी बिहारी शरण पांडे, विनोद कुमार राम, अरविद कुमार सिन्हा तथा विश्वनाथ प्रसाद का कहना है कि शुरू में कुछ स्थानीय गरीब तबके के लोग आए और खाकर चले गए. बाद में वरीय पदाधिकारियों का निर्देश प्राप्त हुआ कि आश्रय केंद्र पर बाहरी वैसे लोगों को ठहराना है. जिन्हें रहने-खाने की समस्या है. लेकिन ऐसे लोग आ नहीं रहे हैं. ऐसे लोग आएंगे तो उन्हें रहने-खाने की सुविधा प्रदान की जाएगी.

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