एक्सप्रेस न्यूज, बक्सर: वर्तमान समय में लॉक डाउन का प्रसंग कोविड-19 जो एक प्रकार का कोरोना वायरस है के चलते फैली वैश्विक महामारी को देखते हुए बहुत ही महत्वपूर्ण है.
लॉक डाउन हमारे जीवन को सुरक्षित करने एवं सम्मूर्ण समाज को सुरक्षित करने का सरल माध्यम है. लॉक डाउन क्या है और वर्तमान समय में इसकी प्रयोज्यता एवं प्रयोजन क्या है जैसे अनेक विचार प्रतिस्फुटित होना स्वाभाविक है.सीधे शब्दों में लॉकडाउन का अर्थ है तालाबंदी.जिस तरह किसी संस्थान या फैक्ट्री को बंद किया जाता है और वहां तालाबंदी हो जाती है उसी तरह लॉक डाउन का अर्थ है कि आप अनावश्यक कार्य के लिए घर से बाहर सड़कों पर ना निकलें.
कोरोना वायरस के चलते लॉक डाउन के सही समय पर और सफल कार्यान्वन के आभाव में पश्चिमी देशों का जो वीभत्स रूप दिखा वह काफी डरावना रहा है और पूरा विश्व आज इस समस्या के प्रति विवस है. क्योंकि कोरोना वायरस की अभी तक कोई वैक्सीन सामने नही आई है. ऐसे में माननीय प्रधानमंत्री द्वारा लॉक डाउन से पहले जनता कर्फ्यू का आवाहन भारतीय जनमानस के लिए भारतीय जनमानस द्वारा किया गया सफलतम सहयोग था.
यह हमारी लापरवाही का ही फल है कि पूरे देश को पूर्णतया लॉक डाउन कर दिया गया जो एक तरह से कर्फ्यू ही है. कई राज्यों ने अपनी सीमाएं सील कर ली और इसके साथ ही साथ कई राज्यों में धारा 144 लागू कर दिया गया. इस समय विशेष में लॉक डाउन हमारे जीवन को बचाने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है. जिसका पालन करके हम अपने परिवार के साथ-साथ अपने समाज और देश को सुरक्षित कर सकते हैं. यह हमारा कर्तव्य भी है कि पूर्णतया जागरूक बने और किसी में भी इससे जुड़े लक्षण दिखे तो मेडिकल हेल्प लाइन नंबर पर फोन कर स्वास्थ्य सेवकों के दिशा निर्देशों के अनुरूप कार्य करें. इससे हम अपने समाज को सुरक्षित कर सकते हैं.
हमारे देश में इस बीमारी को फैलने से रोकने हेतु लॉक डाउन का प्रयोजन और भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि भारत विश्व में जनसंख्या की दृष्टि से दूसरा बड़ा देश है जबकि इस बीमारी का फैलाव लोगों के संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से हो रहा है. ऐसे में हम लॉक डाउन के माध्यम से अपने समाज को इस महामारी के संक्रमण से बचा सकते हैं. कोरोना वायरस की गंभीरता हम इस तथ्य से समझ सकते हैं कि आज अमेरिका, रूस, चीन, इटली, ईरान जैसे देश इस वायरस से उत्त्पन्न वैश्विक महामारी से अपने नागरिकों की रक्षा करने में असमर्थ हैं.
भारत अभी जिस स्टेज पर है उसे लॉक डाउन के माध्यम से नियंत्रित कर सकता है लेकिन यदि हम सब इसकी गंभीरता को नजर अंदाज करते रहे तो हमें भी अन्य देशों की भांति लाचार होकर आंकड़े गिनने पडेंगे. लॉक डाउन इस वायरस का कोई उपचार नही है लेकिन लॉक डाउन के माध्यम से हम इस गम्भीर महामारी को नियंत्रित कर सकते हैं. जो वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है. जो हमारी देश और जनमानस के प्रति पूर्ण निष्ठा और समर्पण से ही संभव है.
लॉक डाउन के माध्यम से संक्रमण के फैलाव को नियंत्रित कर सकते हैं. जिसके उपरांत संक्रमित व्यक्तियों को ठीक किया जा सकता है. जो कि लॉक डाउन की आवश्यकता को रेखांकित करता है.
- इन्द्रकांत तिवारी.

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