Skip to main content

साबित खिदमत फाउंडेशन के द्वारा 50 चिन्हित जरूरतमंद परिवारों को राहत सामग्री की आठवीं खेप पहुंचाई गई..

- साबित खिदमत फाउंडेशन के हाथों को मजबूती प्रदान करने के लिए आगे आए पुलिसकर्मी.

- 50 चिन्हित परिवारों को साबित खिदमत फाउंडेशन द्वारा उपलब्ध कराई गई राशन सामग्री.

एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: साबित खिदमत फाउंडेशन के बैनर तले एक बार फिर जरूरतमंदों की मदद की गई. फाउंडेशन द्वारा नगर के जिन 50 जरूरतमंद परिवारों को लॉक डाउन की अवधि में गोद लेकर राशन तथा अन्य जरूरत की सामग्री पहुंचाई जा रही थी. उन्हें आठवीं खेप के रूप में चावल, आटा, आलू, तेल,  सर्फ, साबुन आदि प्रदान कर मदद की गई.

 खास बात यह रही कि, अबकी बार इस मदद में पुलिस महकमे के द्वारा भी सहयोग किया गया. यातायात प्रभारी अंगद सिंह, मिथिलेश झा तथा एसआई सहयोगी राकेश कुमार तथा चंदन कुमार द्वारा फाउंडेशन को आर्थिक मदद प्रदान की गई. जिससे आलू और प्याज खरीदकर जरूरतमंदों के बीच तत्काल वितरित करा दिया गया.

इस संदर्भ में जानकारी देते हुए संस्था के निदेशक डॉ. दिलशाद आलम ने बताया कि, संस्था के द्वारा लॉक डाउन की अवधि में ऐसे जरूरतमंद परिवारों को गोद लिया गया है जो आम दिनों में दैनिक रोजगार से अपना पेट पालते हैं. ऐसे लोगों के सामने लॉक डाउन की अवधि में भुखमरी जैसी स्थिति आ गई थी. ऐसे में बक्सर के नया बाजार, बाजार समिति तथा अन्य इलाकों के 50 परिवारों तथा डुमरांव अनुमंडल के विभिन्न गांवों में भी तकरीबन इतने ही परिवारों को गोद लिया गया है. लॉक डाउन की अवधि में किसी भी परिवार को राशन आदि से लेकर रोजमर्रा की चीजों की कमी नहीं होने दी जा रही.

संस्था के सचिव साबित रोहतासवी ने बताया कि, सोमवार को हुए राशन वितरण कार्यक्रम में पुलिस कर्मियों का भी सहयोग मिला. समाज के कई अन्य लोग भी धीरे-धीरे चर्चा की इस पहल की सराहना करते हुए संस्था के अभियान से जुड़ रहे हैं तथा जुड़ने की इच्छा जता रहे हैं. ऐसे लोगों का स्वागत है. वितरण कार्यक्रम के दौरान मो. मुर्शीद रज़ा, मो शाकिर, महताब आलम, हरेंद्र यादव, गोविंद यादव, आशीष कुमार सहित साबित खिदमत फाउंडेशन के सभी कर्मियों का भरपूर सहयोग मिला.

Comments

Popular posts from this blog

साइबर सेल एवं बक्सर पुलिस को चुनौती देकर सोशल मीडिया पर हथियार प्रदर्शन करते वायरल हुआ युवकों का तस्वीर, जाँच में जुटी पुलिस..

- 6 जनवरी 2026 को औद्योगिक थाना में दी गई थी लिखित आवेदन। - पुलिस के गिरफ्त से आरोपित अब तक बहार पीड़ित पक्ष भयभीत। एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: भारत में सार्वजनिक स्थानों पर सरकारी या गैर-सरकारी, बिना लाइसेंस वाले हथियारों का प्रदर्शन एक गंभीर दंडनीय अपराध है। यहां तक कि वैध लाइसेंस वाले हथियारों का सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन (नुमाइश/ब्रांडिशिंग) करना भी सख्त वर्जित है। जो कि एक अपराध की श्रेणी में आता है। भारतीय शस्त्र अधिनियम, 1959 और शस्त्र नियम, 2016 इस पर सख्त प्रावधान लागू करते हैं। अवैध हथियार रखना या प्रदर्शन, बिना लाइसेंस के हथियार रखना, उपयोग करना या उनका सार्वजनिक प्रदर्शन करना एक दंडनीय अपराध है. जिसमें 3 साल से लेकर 7 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है.  कुछ मामलों में आजीवन कारावास का भी प्रावधान है। यदि आपके पास वैध लाइसेंस है, तब भी आप सार्वजनिक रूप से हथियार की नुमाइश नहीं कर सकते। हथियार को एक निर्धारित होल्डर या कवर में, पूरी तरह से ढका हुआ रखना अनिवार्य है। जिस पर आपका प्रभावी नियंत्रण हो। सार्वजनिक स्थानों पर हवाई फायरिंग या हथियार चमकाना सख्त मना है।पुलिस ऐसे माम...

भाई के साथ कोचिंग जा रही किशोरी को अग़वा कर 3 लोगों ने किया गलत काम, पुलिस के तत्परता से तीनों आरोपी गिरफ्तार।

- मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दिखाई तत्परता तीनों आरोपी गिरफ्तार। - भाई ने पुलिस के समक्ष दी पूरी घटना की जानकारी, पुलिस कर रही है पूछताछ। एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर:  घर से कोचिंग पढ़ने जा रही एक किशोरी को 3 लोगो ने रोक कर अग़वा कर लिया। उसके बाद उसे कुछ दुरी पर ले गए और एक झोपड़ी में उसके साथ गलत काम किए। जिस वक़्त यह घटना घटी किशोरी का भाई भी वहां मौजूद था। किशोरी का भाई उसे बाइक से कोचिंग ले जा रहा था। शनिवार सुबह 8 बजे कि यह घटना बताई जा रही है। बक्सर एसपी ने पूछने पर कहा कि मेडिकल जाँच के बाद आगे कि कार्रवाई होगी। फिलहाल पुलिस अपने स्तर से मामले कि जाँच कर रही है। सूत्रों के हवाले से प्राप्त जानकारी के मुताबिक तीनो आरोपी पुलिस के गिरफ्त में हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। घटना की सीमा दो थाना क्षेत्र में पड़ती है। किशोरी सुबह बाइक से अपने भाई के साथ कोचिंग जा रही थी तभी राह में दंगौली पुल के पास 3 युवकों ने मिलकर उनकी बाइक रोकी और इस घटना को अंजाम दिया।नावानगर थाना की सीमा में यह जगह आता है। तीनो आरोपी दूसरी बाइक पर बैठाकर कड़सर गांव के समीप एक सुनसान झोपड़ी में किशोरी क...

जिले में कानून व्यवस्था को झंकझोर देने वाले अहियापुर ट्रिपल मर्डर केस में मुख्य आरोपियों ने किया सरेंडर, रिमांड पर ले सकती है पुलिस..

-बढ़ते पुलिस दबाव एवं कुर्की जब्ती की तेज प्रक्रिया का हुआ असर.  -पूर्व में भी दो नामजद कर चुके हैं न्यायलय में आत्मसमर्पण. एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: राजपुर थाना क्षेत्र के अहियापुर में हुए ट्रिपल मर्डर केस में फरार चल रहे मुख्य आरोपियों ने न्यायालय में सोमवार को आत्मसमर्पण कर दिया है. राजपुर थानाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश सिंह से मिली जानकारी के मुताबिक न्यायालय में आत्मसमर्पण करने वालों में बटेश्वर यादव, मनोज यादव संजय उर्फ संतोष यादव शामिल हैं. बताते चले कि इस हत्याकांड में आरोपी महेंद्र यादव व सलीम अंसारी पूर्व में हीं न्यायलय में आत्म समर्पण कर चुके हैं. जिनको पुलिस के द्वारा रिमांड पर लेकर पूछताछ करने हेतु न्यायालय में अर्जी भी दिया जा चुका है.   बता दे की अहियापुर गांव में अपराधियों के द्वारा एक ही परिवार के तीन लोगों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था. यह घटना बक्सर जिला समेत पूरे बिहार में चर्चा का विषय बन गया था और सुशासन की सरकार पर सवाल खड़ा कर रहा था. इस घटना ने  जिले के कानून व्यवस्था को झंकझोर कर रख दिया था.  इस घटना में प्राथमिक दर्ज होने के बाद ब...