Skip to main content

ग्रीन चैनल के कुरियर द्वारा सभी ANM के माध्यम से दवा का किया जाएगा वितरण



- आंगनबाड़ी केन्द्रों पर दवाओं की उपलब्धता के लिए शुरू किया गया आरोग्य दिवस-ग्रीन चैनल 
- जांच किट में लगभग दो दर्जन दवाओं की रहेगी उपलब्धता, समय पर होगी डिलिवरी


एक्सप्रेस न्यूज़,बक्सर: जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था सुदृढ करने के उद्देश्य से आरोग्य दिवस ग्रीन चैनल की शुरुआत हो चुकी है. बुधवार को सदर प्रखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी इसे हरी झंडी दिखाई गई. एमओआईसी डॉ. सुधीर कुमार ने 9 अल्टरनेट वैक्सीन डिलिवरी (एवीडी) कुरियर को बैग, थर्मोफ्लैक्स देकर दवाओं के साथ रवाना किया. एमओआईसी ने बताया कि आरोग्य दिवस के आयोजनों पर सभी तरह की दवाओं के साथ अन्य सामग्रियों की आपूर्ति को सुव्यवस्थित तरीके से करने की प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से इसकी शुरुआत की गई है.

कुरियर द्वारा एएनएम के माध्यम से दवाओं का होगा वितरण :
एमओआईसी डॉ. सुधीर कुमार ने बताया स्वास्थ्य व्यवस्था को पहले से बेहतर करने एवं एएनएम को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आरोग्य दिवस-ग्रीन चैनल को मजबूत करने को लेकर प्रयास किया जा रहा है. जिसके लिए अलग से स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है. जिससे की आशा, एएनएम व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को डब्बा लाने व ले जाने वाली परंपरा से मुक्ति मिले. मुख्य रूप से आरोग्य दिवस-ग्रीन चैनल के माध्यम से एक ऐसी व्यवस्था की जा रही है. अब इन स्वास्थ्य कर्मियों को समय पर निर्बाध रूप से स्वास्थ्य जांच किट, दवाएं व अन्य किसी भी प्रकार की संसाधनों की उपलब्धता सुगम व सरल होगी. कार्यक्रम की सफ़लता व निगरानी के लिए ई-औषधि पोर्टल पर अपलोड भी करना है.
जांच किट में जरूरी दवाएं रहेंगी उपलब्ध :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. राज किशोर सिंह ने बताया कुरियर की मदद से ज़िले के सभी टीकाकरण केन्द्रों पर मेडिसिन से भरा हुआ बैग और थर्मोफ्लास्क ससमय उपलब्ध कराया जाएगा. इसके माध्यम से टीकाकरण केंद्रों पर आने वाली गर्भवती महिलाएं एवं बच्चों का सही संकलन किया जाएगा. जांच किट (थर्मोफ्लास्क) में एचआईवी टेस्ट किट, सिफलिस जांच किट, हेपेटाइटिस टेस्ट किट के अलावे परिवार नियोजन से संबंधित सभी तरह के साधनों की उपलब्धता के साथ ही गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के लिए आवश्यक दवा की व्यवस्था भी रहेगी. इसके अलावा हीमोग्लोबिन टेस्ट किट, आईएफए की लाल, ब्लू व पिंक कलर की गोली, कैल्शियम, डी-3, एल्बेंडाजोल की गोली व सिरप, पैरासिटामोल की गोली व सिरप, एमोक्सोसोलिन का टेबलेट, जिंक, ओआरएस, कंडोम, विटामिन-ए की दवा विभिन्न टीकाकरण केंद्रों पर उपलब्ध रहेगा और इसको कुरियर के सहयोग से एएनएम तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा.
कोविड-19 के प्रोटोकॉल का रखा जाएगा ध्यान :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने बताया कोरोना संक्रमण काल के दौरान स्वास्थ्य से संबंधित हर तरह की गतिविधियों को पूरी सतर्कता के साथ सावधानी बरतनी होगी. जिसमें हर किसी को मास्क का प्रयोग करना, कम से कम दो गज की दूरी का ख्याल रखते हुए पूरी तरह से अपने आपको सैनिटाइजेशन का भी पूरा ख्याल रखना जरूरी है, क्योंकि कोरोना संक्रमण के प्रति सचेत रहना ही एकमात्र समाधान है. आरोग्य दिवस पर आने वाले लाभार्थियों को भी कोरोना संक्रमण से सुरक्षा की जानकारी के साथ जागरूक करना जरूरी हैं. कोविड-19 के अनुरूप व्यवहारों को स्वयं पालन करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करना अतिआवश्यक है.

कोरोना काल में  इन उचित व्यवहारों का करें पालन:-एल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का प्रयोग करें. सार्वजनिक जगहों पर हमेशा फेस कवर या मास्क पहनें. अपने हाथ को साबुन व पानी से लगातार धोएं. आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें. छींकते या खांसते वक्त मुंह को रूमाल से ढकें.





Comments

Popular posts from this blog

साइबर सेल एवं बक्सर पुलिस को चुनौती देकर सोशल मीडिया पर हथियार प्रदर्शन करते वायरल हुआ युवकों का तस्वीर, जाँच में जुटी पुलिस..

- 6 जनवरी 2026 को औद्योगिक थाना में दी गई थी लिखित आवेदन। - पुलिस के गिरफ्त से आरोपित अब तक बहार पीड़ित पक्ष भयभीत। एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: भारत में सार्वजनिक स्थानों पर सरकारी या गैर-सरकारी, बिना लाइसेंस वाले हथियारों का प्रदर्शन एक गंभीर दंडनीय अपराध है। यहां तक कि वैध लाइसेंस वाले हथियारों का सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन (नुमाइश/ब्रांडिशिंग) करना भी सख्त वर्जित है। जो कि एक अपराध की श्रेणी में आता है। भारतीय शस्त्र अधिनियम, 1959 और शस्त्र नियम, 2016 इस पर सख्त प्रावधान लागू करते हैं। अवैध हथियार रखना या प्रदर्शन, बिना लाइसेंस के हथियार रखना, उपयोग करना या उनका सार्वजनिक प्रदर्शन करना एक दंडनीय अपराध है. जिसमें 3 साल से लेकर 7 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है.  कुछ मामलों में आजीवन कारावास का भी प्रावधान है। यदि आपके पास वैध लाइसेंस है, तब भी आप सार्वजनिक रूप से हथियार की नुमाइश नहीं कर सकते। हथियार को एक निर्धारित होल्डर या कवर में, पूरी तरह से ढका हुआ रखना अनिवार्य है। जिस पर आपका प्रभावी नियंत्रण हो। सार्वजनिक स्थानों पर हवाई फायरिंग या हथियार चमकाना सख्त मना है।पुलिस ऐसे माम...

भाई के साथ कोचिंग जा रही किशोरी को अग़वा कर 3 लोगों ने किया गलत काम, पुलिस के तत्परता से तीनों आरोपी गिरफ्तार।

- मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दिखाई तत्परता तीनों आरोपी गिरफ्तार। - भाई ने पुलिस के समक्ष दी पूरी घटना की जानकारी, पुलिस कर रही है पूछताछ। एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर:  घर से कोचिंग पढ़ने जा रही एक किशोरी को 3 लोगो ने रोक कर अग़वा कर लिया। उसके बाद उसे कुछ दुरी पर ले गए और एक झोपड़ी में उसके साथ गलत काम किए। जिस वक़्त यह घटना घटी किशोरी का भाई भी वहां मौजूद था। किशोरी का भाई उसे बाइक से कोचिंग ले जा रहा था। शनिवार सुबह 8 बजे कि यह घटना बताई जा रही है। बक्सर एसपी ने पूछने पर कहा कि मेडिकल जाँच के बाद आगे कि कार्रवाई होगी। फिलहाल पुलिस अपने स्तर से मामले कि जाँच कर रही है। सूत्रों के हवाले से प्राप्त जानकारी के मुताबिक तीनो आरोपी पुलिस के गिरफ्त में हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। घटना की सीमा दो थाना क्षेत्र में पड़ती है। किशोरी सुबह बाइक से अपने भाई के साथ कोचिंग जा रही थी तभी राह में दंगौली पुल के पास 3 युवकों ने मिलकर उनकी बाइक रोकी और इस घटना को अंजाम दिया।नावानगर थाना की सीमा में यह जगह आता है। तीनो आरोपी दूसरी बाइक पर बैठाकर कड़सर गांव के समीप एक सुनसान झोपड़ी में किशोरी क...

जिले में कानून व्यवस्था को झंकझोर देने वाले अहियापुर ट्रिपल मर्डर केस में मुख्य आरोपियों ने किया सरेंडर, रिमांड पर ले सकती है पुलिस..

-बढ़ते पुलिस दबाव एवं कुर्की जब्ती की तेज प्रक्रिया का हुआ असर.  -पूर्व में भी दो नामजद कर चुके हैं न्यायलय में आत्मसमर्पण. एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: राजपुर थाना क्षेत्र के अहियापुर में हुए ट्रिपल मर्डर केस में फरार चल रहे मुख्य आरोपियों ने न्यायालय में सोमवार को आत्मसमर्पण कर दिया है. राजपुर थानाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश सिंह से मिली जानकारी के मुताबिक न्यायालय में आत्मसमर्पण करने वालों में बटेश्वर यादव, मनोज यादव संजय उर्फ संतोष यादव शामिल हैं. बताते चले कि इस हत्याकांड में आरोपी महेंद्र यादव व सलीम अंसारी पूर्व में हीं न्यायलय में आत्म समर्पण कर चुके हैं. जिनको पुलिस के द्वारा रिमांड पर लेकर पूछताछ करने हेतु न्यायालय में अर्जी भी दिया जा चुका है.   बता दे की अहियापुर गांव में अपराधियों के द्वारा एक ही परिवार के तीन लोगों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था. यह घटना बक्सर जिला समेत पूरे बिहार में चर्चा का विषय बन गया था और सुशासन की सरकार पर सवाल खड़ा कर रहा था. इस घटना ने  जिले के कानून व्यवस्था को झंकझोर कर रख दिया था.  इस घटना में प्राथमिक दर्ज होने के बाद ब...