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उत्कृष्ट कार्य करने वाली सीडीपीओ, पर्यवेक्षिका, सेविका व सहायिका को किया जाएगा सम्मानित..



- नीति आयोग ने राज्य आईसीडीएस विभाग से मांगी बेहतर कार्य करने वालों की मांगी सूची
- चयनित लोगों की सूची के आधार पर उनके कार्यों का विभागीय पोर्टल से किया जाएगा मिलान

एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: जिले में बाल विकास परियोजना क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली सीडीपीओ, पर्यवेक्षिका, सेविका व सहायिका को सम्मानित किया जाएगा. इसके लिए राज्य समेकित बाल विकास सेवाएं निदेशालय ने राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार के माध्यम से पत्र जारी कर जिले से कुशल, विशिष्ट और उत्कृष्ट कार्य करने वालों की सूची मांगी है. इसके लिए परियोजना स्तर से लेकर जिला स्तर तक मॉनिटरिंग तेज कर दी गई है. जारी पत्र के अनुसार इस क्रम में आईसीडीएस की डीपीओ ने सभी सीडीपीओ को अपनी-अपनी परियोजना में उत्कृष्ट काम करने वाली पर्यवेक्षिका, सेविका व सहायिकाओं की सूची देने का आदेश दिया है. साथ ही, विभागीय पोर्टल के आधार पर भी लिस्टिंग की जाएगी. उसके बाद जिला स्तर से सीडीपीओ का चयन किया जाएगा. उल्लेखनीय है कि दो वर्ष पूर्व सिमरी सीडीपीओ संगीता कुमारी व डुमरांव के अर्न्तओगत आंगनबाड़ी केन्द्र संख्या 47 (पूर्वी पासवान टोला) का संचालन करने वाली लीलावती देवी को सम्मानित किया गया था.


कार्य क्षमता व एफर्ट्स के मद्देनजर किया जाएगा चयन :
डीपीओ तरणी कुमारी ने बताया कि महिला व बाल विकास के क्षेत्र में किस तरह के बेहतर कार्य पर्यवेक्षिका व सेविकाओं ने किए हैं, इसकी डिटेल मांगी गई है. सेविका व सहायिका का चयन विभिन्न योजनाओं व गतिविधियों में उनके कार्य क्षमता व एफर्ट्स के मद्देनजर किया जाएगा. जिसके तहत आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में नियमितता, बच्चों की उपस्थिति की समीक्षा, पूरक पोषाहार आपूर्ति की समीक्षा, बच्चों के टीकाकरण व पोषण, कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों की स्थिति, विद्यालय पूर्व शिक्षा की क्रियाशीलता, बाल कुपोषण मुक्त बिहार से संबंधित सामग्री व उसकी उपयोगिता आदि बिंदुओं के आधार पर किया जाएगा. साथ ही, गृह भ्रमण, गोदभराई, आरोग्य दिवस के आयोजन व उसकी सफलता का भी मूल्यांकन किया जाएगा. ताकि, जिसने भी अपने पोषण व परियोजना क्षेत्र में बेहतर कार्य किया हो, उससे सम्मनित कराया जा सके. ठीक इसी प्रकार से जिला स्तर पर सीडीपीओ व पर्यवेक्षिका का भी चयन किया जाएगा.
साल में दो बार किया जाता है सोशल ऑडिट :
आईसीडीएस के जिला समन्वयक महेंद्र कुमार ने बताया नीति आयोग को प्रत्येक वर्ष सूची भेजी जाती है. इसके अलावा समाज कल्याण विभाग अंतर्गत समेकित बाल विकास सेवायें (आइसीडीएस) कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिलने वाली सेवाओं का सोशल ऑडिट किया जाता है. जो सामाजिक अंकेक्षण समिति के द्वारा किया जाता है. इसके लिए विभाग में हर वर्ष 20 जून व 20 दिसंबर को आंगनबाड़ी केंद्रों का सोशन ऑडिट करने की तिथि निर्धारित की है. जिसमें आंगनबाड़ी केंद्र की बिंदुवार सामाजिक अंकेक्षण होता है. आईसीडीएस के द्वारा गठित सामाजिक अंकेक्षण समिति के अध्यक्ष वार्ड सदस्य या वार्ड आयुक्त होते हैं. जबकि समिति में पंचायत सचिव अथवा विकास मित्र, दो लाभार्थी महिला, आशा कार्यकर्ता एवं एएनएम, स्वयं सहायता समूह के प्रतिनिधि, समुदाय के प्रतिनिधि, अत्यंत पिछड़ा वर्ग अथवा पिछड़ा वर्ग से दो प्रतिनिधि व महिला पर्यवेक्षिका सदस्य के रूप में शामिल होते हैं.





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