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डीएम ने फीता काटकर टीकाकरण सत्र का किया आरंभ,फार्मासिस्ट विजय कुमार को लगा कोविशील्ड का पहला टीका..



एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: कोरोना वायरस के खिलाफ किला फतह करने के लिए जिले में टीकाकरण की शुरुआत हो चुकी है. जिले के सात केंद्रों पर शनिवार को निबंधित स्वास्थ्य कर्मियों व आंगनवाबाड़ी सेविकाओं को टीका देने का कार्य शुरू हुआ. पहले दिन सभी सात केंद्रों पर सौ-सौ लोगों को वैक्सीन का पहला डोज़ दिया गया. सदर अस्पताल में बनाए गए टीकाकरण सत्र स्थल की शुरुआत जिलाधिकारी अमन समीर ने फीता काट कर की. तत्पश्चात, सत्र स्थल पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी अधिकारियों व स्वास्थ्य कर्मियों को संबोधित किया. साथ ही, प्रधानमंत्री ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंट लाइन वर्कर्स और चिकित्सकों को धन्यवाद दिया. जिसके बाद सत्र स्थल पर टीकाकरण की शुरुआत की गयी. मौके पर सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ, डीआईओ डॉ. राज किशोर सिंह, डीपीएम संतोष कुमार, अस्पताल प्रबंधक दुष्यंत कुमार समेत अन्य लोग मौजूद रहे.



सदर अस्पताल के फार्मासिस्ट को लगाया गया पहला टीका : 
जिले में सबसे पहले सदर अस्पताल के फार्मासिस्ट विजय कुमार को टीका लगाया गया. टीका लेने के बाद विजय कुमार ने कहा लोगों के मन में कोरोना वायरस के टीके को लेकर अभी भी काफी संशय है. जिसको दूर करने के लिए उन्होंने सबसे पहले टीका लिया ताकि, लोगों के मन मे जो डर है, वह दूर किया जा सके. उन्होंने बताया कोरोना वायरस का टीका जो जिले को उपलब्ध कराया गया है, वह सारी जांच प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद यहां पहुंचा है. टीका को यहां भेजने से पहले उसकी लैब टेस्टिंग और काफी सारे ट्रॉयल किये किया गय गए हैं. यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है. इसे लेने के बाद किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई है. हालांकि, टीकाकरण के बाद चिकित्सकों ने आधे घंटे तक अवलोकन कक्ष में उनकी निगरानी की.



सभी केंद्रों पर किये गए थे सुरक्षा के कड़े प्रबंध : 
जिले में सदर अस्पताल बक्सर, सदर प्राथमिक केंद्र बक्सर, जीएनएम स्कूल सिविल लाइन्स, मां शिवरात्रि अस्पताल बक्सर, डुमरांव पीएचसी, नावानगर पीएचसी और ब्रह्मपुर पीएचसी पर टीकाकरण की शुरुआत की गयी. जहां पर सौ-सौ लोगों को टीका दिया गया. टीकाकरण सत्र स्थल पर किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो इसके लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे. साथ ही, टीका लेने वालों के लिए टेलीविजन की भी व्यवस्था की गयी थी ताकि, अवलोकन कक्ष में मनोरंजन हो सके.  दूसरी ओर, टिकाकरण से लेकर स्वास्थ्य कर्मियों के अवलोकन तक विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के द्वारा कोविड-19 के लिए जारी गाइड लाइन्स का पालन किया गया.
वैक्सीन लेने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों व चिकित्सकों में दिखा उत्साह :
कोरोना वायरस के खिलाफ शुरू किए गए पहले चरण के तहत टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों और सभी निबंधित लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला. इस क्रम में मां शिव रात्रि अस्पताल में बने टीकाकरण सत्र स्थल पर भी लोगों को टीका दिया गया. यहां पर अस्पताल के संचालक कुमार संतोष गौतम ने पहला टीका लिया. सत्र स्थल पर लोगों में संशय न उत्पन्न हो इसके लिए उन्होंने टीका की विशेषता से लोगों को अवगत कराया. उन्होंने बताया राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराया गया टीका पूरी तरह से सुरक्षित है. जिसे लेने में बाद कोई दिक्कत नहीं हो रही है. सभी लोग बिना डर और संशय के टीका लेकर अपनी सामाजिक दायित्वों को पूरा करें. साथ ही, अन्य लोगों को इस टीका के लिए रजिस्ट्रेशन लेने के लिए प्रेरित करें.

साबित खिदमत फाउंडेशन के निदेशक व विश्वामित्र अस्पताल के निदेशक ने भी पहले चरण में लगवाया टीका: 
कोरोना वैक्सीन के पहले चरण के टीकाकरण में साबित खिदमत फाउंडेशन के निदेशक डॉक्टर दिलशाद आलम तथा विश्वामित्र अस्पताल के निदेशक डॉ राजीव झा भी सम्मिलित हुए. जिन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि कोरोनावायरस के विरुद्ध अंतिम विजय के लिए टीकाकरण की शुरुआत हो चुकी है. जिले में 7 केंद्रों पर इसकी शुरुआत निबंधित स्वास्थ्य कर्मियों व आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाओं को टीका देने का कार्य शुरू किया गया है. सदर अस्पताल में बनाए गए टीकाकरण सत्र स्थल की शुरुआत हो चुकी है. उन्होंने कहा कि टीकाकरण को लेकर लोगों के मन में बने संशय को दूर करने हेतु स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया जा रहा है. ताकि, लोगों के मन में बने भय को दूर किया जा सके. आगे उन्होंने बताया कि टीका को यहां भेजने से पहले उसकी लैब टेस्टिंग और काफी सारे ट्रायल किए गए हैं यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है. हालांकि, टीका लगाने के बाद दोनों अस्पतालों के निदेशक को चिकित्सकों के निगरानी में आधे घंटे तक अवलोकन कक्ष में रखा गया.





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