Skip to main content

9वीं से नीचे की कक्षाएं 18 जनवरी से शुरू होने की बनी है उम्मीद..



एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: बिहार सरकार से प्राप्त निर्देश के अनुसार 9वीं से 12वीं कक्षा तक चार जनवरी से उच्च विद्यालयों में पढ़ाई शुरू हो गई है. विद्यालयों में  पढ़ाई शुरू होने के साथ ही कोरोना संक्रमण के मद्देनजर सरकार के तरफ से गाइडलाइन भी जारी  किया गया है. पांच जनवरी को डीएम अमन समीर के द्वारा आयोजित बैठक में उन्होंने  कोरोना  संक्रमण  से बचाव के  नियमों का पालन करते हुए  कक्षाओं का संचालन  के लिए निर्देश  जारी किया. आयोजित बैठक के दौरान ही यह कहा गया कि सबकुछ निर्देशों के अनुरुप रहा तो 18 जनवरी से निचली कक्षाओं को भी शुरू किया जा सकता है. लेकिन, सरकार और शिक्षा विभाग के तरफ से जब तक इसके लिए आवश्यक निर्देश जारी नहीं हो जाता है तब तक यह संभव नहीं है. सरकार व शिक्षा विभाग से प्राप्त निर्देशों के अनुरुप प्रत्येक कक्षा में छात्रों के बैठने  के कुल क्षमता के 50% पहले दिन उपस्थित हुए एवं शेष 50 प्रतिशत छात्र-छात्राएं दूसरे दिन उपस्थित हुए.


 सभी विद्यालयों में किसी भी कार्य दिवस पर किसी भी कक्षा में छात्रों के बैठने के कुल क्षमता का 50 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति नहीं होगी. शिक्षकों को कोविड संक्रमण के रोकथाम हेतु प्रशिक्षण शिक्षा विभाग के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जाएगा. इस हेतु निदेश अलग से निर्गत किया जाएगा. सभी सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को दो मास्क का वितरण जीविका के माध्यम से किया जाएगा. सभी कोचिंग संस्थानों को खोलने की सहमति इस शर्त पर देने का निर्णय लिया गया कि वे कोविड-19 के रोकथाम हेतु अपनायी जाने वाली प्रोटोकॉल का प्रस्ताव संबंधित जिला पदाधिकारी को समर्पित करेंगे. स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निर्गत मानक संचालन प्रक्रिया के आधार पर विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों को पुन: खोलने हेतु स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संबंधी सावधानी बरतने के लिए निम्न दिशा निर्देश का पालन किया जाय.

विद्यालय,उच्च शिक्षण संस्थान,कोचिंग संस्थान एवं उनके छात्रावास को खोलने के पूर्व की तैयारी शिक्षण संस्थान,विद्यालय कैम्पस एवं सभी भवन के कक्षाओं फर्नीचर उपकरण, स्टेशनरी, भंडारकक्ष, पानी टंकी, किचेन, वाशरूम, प्रयोगशाला, लाइब्रेरी आदि की सफाई एवं विसंक्रमित कराया जाना सुनिश्चित करें. डिजिटल थर्मोमीटर, सेनेटाइजर आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करना. संस्थान, विद्यालय के परिवहन व्यवस्था आरंभ किए जाने के पूर्व सेनेटाइजेशन सुनिश्चित करना, विभिन्न टॉस्क टीम का गठन – संस्थान, विद्यालय में आकस्मिक सुरक्षात्मक संबंधी तैयारी के लिए उतरदायी टीम का गठन करना जो संस्थान, विद्यालय के सेनेटाइजेशन, साफ-सफाई, सामाजिक दूरी आदि के लिए उतरदायी होगी. इस टीम में विद्यार्थी, शिक्षक, विद्यालय शिक्षा समिति आदि के सदस्यों को भी उतरदायित्व दिया जाए. उच्च शैक्षणिक संस्थान, विद्यालय, कोचिंग संस्थान में बैठने की व्यवस्था, गाईड लाईन के अनुसार विद्यार्थी के बीच कम से कम छ: फीट की दूरी के साथ बैठने की व्यवस्था की जाय यदि संस्थान, विद्यालय में एक सीट का बेंच-डेस्क हो तो इसे भी छ: फीट की दूरी पर बैठने की व्यवस्था की जाए. इसी प्रकार शिक्षक के स्टाफ रूम, कार्यालय, आगत कक्ष में भी छ: फीट को भी विभिन्न वर्गों के अनुसार क्रमवार समय आवंटित करते हुए आने एवं जाने के लिए चिन्हित किया जाए.





Comments

Popular posts from this blog

साइबर सेल एवं बक्सर पुलिस को चुनौती देकर सोशल मीडिया पर हथियार प्रदर्शन करते वायरल हुआ युवकों का तस्वीर, जाँच में जुटी पुलिस..

- 6 जनवरी 2026 को औद्योगिक थाना में दी गई थी लिखित आवेदन। - पुलिस के गिरफ्त से आरोपित अब तक बहार पीड़ित पक्ष भयभीत। एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: भारत में सार्वजनिक स्थानों पर सरकारी या गैर-सरकारी, बिना लाइसेंस वाले हथियारों का प्रदर्शन एक गंभीर दंडनीय अपराध है। यहां तक कि वैध लाइसेंस वाले हथियारों का सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन (नुमाइश/ब्रांडिशिंग) करना भी सख्त वर्जित है। जो कि एक अपराध की श्रेणी में आता है। भारतीय शस्त्र अधिनियम, 1959 और शस्त्र नियम, 2016 इस पर सख्त प्रावधान लागू करते हैं। अवैध हथियार रखना या प्रदर्शन, बिना लाइसेंस के हथियार रखना, उपयोग करना या उनका सार्वजनिक प्रदर्शन करना एक दंडनीय अपराध है. जिसमें 3 साल से लेकर 7 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है.  कुछ मामलों में आजीवन कारावास का भी प्रावधान है। यदि आपके पास वैध लाइसेंस है, तब भी आप सार्वजनिक रूप से हथियार की नुमाइश नहीं कर सकते। हथियार को एक निर्धारित होल्डर या कवर में, पूरी तरह से ढका हुआ रखना अनिवार्य है। जिस पर आपका प्रभावी नियंत्रण हो। सार्वजनिक स्थानों पर हवाई फायरिंग या हथियार चमकाना सख्त मना है।पुलिस ऐसे माम...

भाई के साथ कोचिंग जा रही किशोरी को अग़वा कर 3 लोगों ने किया गलत काम, पुलिस के तत्परता से तीनों आरोपी गिरफ्तार।

- मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दिखाई तत्परता तीनों आरोपी गिरफ्तार। - भाई ने पुलिस के समक्ष दी पूरी घटना की जानकारी, पुलिस कर रही है पूछताछ। एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर:  घर से कोचिंग पढ़ने जा रही एक किशोरी को 3 लोगो ने रोक कर अग़वा कर लिया। उसके बाद उसे कुछ दुरी पर ले गए और एक झोपड़ी में उसके साथ गलत काम किए। जिस वक़्त यह घटना घटी किशोरी का भाई भी वहां मौजूद था। किशोरी का भाई उसे बाइक से कोचिंग ले जा रहा था। शनिवार सुबह 8 बजे कि यह घटना बताई जा रही है। बक्सर एसपी ने पूछने पर कहा कि मेडिकल जाँच के बाद आगे कि कार्रवाई होगी। फिलहाल पुलिस अपने स्तर से मामले कि जाँच कर रही है। सूत्रों के हवाले से प्राप्त जानकारी के मुताबिक तीनो आरोपी पुलिस के गिरफ्त में हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। घटना की सीमा दो थाना क्षेत्र में पड़ती है। किशोरी सुबह बाइक से अपने भाई के साथ कोचिंग जा रही थी तभी राह में दंगौली पुल के पास 3 युवकों ने मिलकर उनकी बाइक रोकी और इस घटना को अंजाम दिया।नावानगर थाना की सीमा में यह जगह आता है। तीनो आरोपी दूसरी बाइक पर बैठाकर कड़सर गांव के समीप एक सुनसान झोपड़ी में किशोरी क...

जिले में कानून व्यवस्था को झंकझोर देने वाले अहियापुर ट्रिपल मर्डर केस में मुख्य आरोपियों ने किया सरेंडर, रिमांड पर ले सकती है पुलिस..

-बढ़ते पुलिस दबाव एवं कुर्की जब्ती की तेज प्रक्रिया का हुआ असर.  -पूर्व में भी दो नामजद कर चुके हैं न्यायलय में आत्मसमर्पण. एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: राजपुर थाना क्षेत्र के अहियापुर में हुए ट्रिपल मर्डर केस में फरार चल रहे मुख्य आरोपियों ने न्यायालय में सोमवार को आत्मसमर्पण कर दिया है. राजपुर थानाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश सिंह से मिली जानकारी के मुताबिक न्यायालय में आत्मसमर्पण करने वालों में बटेश्वर यादव, मनोज यादव संजय उर्फ संतोष यादव शामिल हैं. बताते चले कि इस हत्याकांड में आरोपी महेंद्र यादव व सलीम अंसारी पूर्व में हीं न्यायलय में आत्म समर्पण कर चुके हैं. जिनको पुलिस के द्वारा रिमांड पर लेकर पूछताछ करने हेतु न्यायालय में अर्जी भी दिया जा चुका है.   बता दे की अहियापुर गांव में अपराधियों के द्वारा एक ही परिवार के तीन लोगों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था. यह घटना बक्सर जिला समेत पूरे बिहार में चर्चा का विषय बन गया था और सुशासन की सरकार पर सवाल खड़ा कर रहा था. इस घटना ने  जिले के कानून व्यवस्था को झंकझोर कर रख दिया था.  इस घटना में प्राथमिक दर्ज होने के बाद ब...