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हथियार, नगदी, बाइक व कार समेत 7 बैंक लुटेरे गिरफ्तार, पुलिस अधीक्षक ने दी जानकारी..



एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: नंदन गांव में उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक में अज्ञात अपराध कर्मियों के द्वारा की गई लूट मामले का पुलिस ने उद्भेदन कर लिया है . पुलिस ने बैंक लूट मामले में 7 बैंक लुटेरों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने उक्त बैंक लुटेरों के पास से तीन देशी कट्टा, चार कारतूस एक स्कॉर्पियो कार, एक मोटरसाइकिल तथा लूटी गई रकम में से 97 हज़ार 500 रुपये भी बरामद किए हैं. इसके साथ ही पुलिस ने बैंक में लूट करने के दौरान लुटेरों के द्वारा पहने गए कपड़ों को भी बरामद किया है. बता दें कि लूट कांड के समय उक्त लुटेरे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे तथा लूट कांड के समय पानी गए कपड़ों को पुलिस ने पहचान कर ली थी. उक्त लुटेरों के गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनके पास से घटना के समय पहने गए कपड़ों को भी बरामद कर लिया. मामले में जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लुटेरों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया तथा न्यायालय के आदेशानुसार उन्हें जेल भेज दिया गया.


इस संदर्भ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी नीरज कुमार सिंह ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि 3 अगस्त को नंदन गांव स्थित उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक में अज्ञात अपराधी कर्मी द्वारा डकैती की घटना को अंजाम दिया गया था. जिसमें थाने में प्राथमिकी दर्ज कर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के के सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया. जिसमें डुमराँव थाने में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक अनिल कुमार तथा डीआईयू के सदस्य पुलिस अवर निरीक्षक आलोक कुमार के साथ-साथ टीम के सभी सदस्य शामिल थे.


पैदल आए अपराधियों को देखकर पुलिस को मिला अहम सुराग:

सभी ने वैज्ञानिक ढंग से कांड का उद्भेदन का प्रयास शुरू किया, जिसमें सबसे पहले यह देखा गया कि अपराधकर्मी डकैती की इस घटना को अंजाम देने के लिए पैदल ही आए थे. जिसके आधार पर पुलिस ने आसपास के संदिग्धों पर नजर रखनी शुरू की इसी बीच यह ज्ञात हुआ कि उक्त कांड में सम्मिलित अपराधकर्मी अगले अपराध की योजना बनाने नंदन गांव के चिमनी भट्ठा में एकत्रित हुए हैं. सूचना के आलोक में जैसे ही पुलिस चिमनी भट्ठा के पास पहुंची तो कई लोग भागने लगे जिन्हें पुलिस के द्वारा पीछा कर पकड़ा गया. पकड़े गए अपराध कर्मियों में से कुछ नहीं वही कपड़े पहने थे जो बैंक डकैती की घटना कार्य करते समय पहने हुए थे. पकड़े गए सभी अपराधियों ने इस कारण में अपनी संलिप्तता स्वीकार की तथा इन लोगों के पास से तकरीबन 97 हज़ार 500 भी बरामद हुए हैं. उन्होंने बताया कि उनके अन्य साथी भी इस घटना में शामिल थे. जो फिलहाल फरार चल रहे हैं. बाकी के पैसे उन्हीं के पास हैं. ऐसे में उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.

आसपास के थाना क्षेत्र के ही हैं सभी अपराधी:

एसपी ने बताया कि पकड़े गए सभी अपराधी डुमरांव अनुमंडल के ही रहने वाले हैं. अपराधियों में नावानगर थाना क्षेत्र के बड़की भरौली गांव के रहने वाले संजय सिंह उर्फ खेसारी यादव, पिता -महंत यादव, उसी गांव के रामेश्वर यादव के पुत्र लप्पु यादव, ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के गरहथा गांव के निवासी रंजन पासवान, पिता- बृज कुमार पासवान, डुमराँव थाना अंतर्गत नंदन गांव गांव के ददन पासवान के पुत्र बिट्टू पासवान, रविंद्र पासवान के पुत्र छोटिया उर्फ जसदेव के सुदर्शन यादव के पुत्र पिंटू कुमार शामिल हैं. इनमें से कई अपराधियों के आपराधिक इतिहास का भी पता चला है.


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