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वीडियो: गुरु पूर्णिमा के दिन अंबेडकर चौक स्थित एक मकान में निकले सांप का स्नेक सेवर हरिओम ने किया रेस्क्यू..



- सांपों से खेलते और उन्हें चूमते हैं हरिओम.
- लोगों से सांप को ना मारने की उन्होंने की अपील.

एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर:  आम तौर पर सांपों को इंसान के लिए खतरनाक माना जाता है. बक्सर के हरिओम बक्सर के किसी भी मोहल्ले में सांप देखे जाने की सूचना पाते ही उन्हें बचाने के लिए दौड़ पड़ते हैं. ऐसा ही एक मामला बक्सर के अंबेडकर चौक स्थित पप्पू केसरी के घर में घटित हुआ. जहां लगभग 6.5 फीट की एक काली धामन बरामदे के रास्ते उनके घर में प्रवेश कर गई और बाथरूम में जाकर छुप कर बैठ गई बाद में लोगों के शोरगुल के पश्चात वह धामन सांप बाथरूम से निकलकर सीढ़ी के नीचे खड़ी एक साइकिल के पास छुप कर बैठ गई. घर में मौजूद सभी बच्चे एवं महिलाएं सांप के घर में मौजूद होने की स्थिति में भयभीत हो गए. पप्पू केसरी के मकान में रहने वाले पवन सिंह अर्जुन यादव अजीत केसरी विकास कुमार सोनू केसरी जो बरामदे में खेल रहे थे घबराकर भागते हुए सीधे घर के बाहर निकल गए और शोरगुल मचाने लगे. जिसके बाद पप्पू केसरी के घर के सामने रहने वाले पत्रकार इंद्र कांत तिवारी के द्वारा सांपों के दोस्त हरिओम चौबे को फोन किया गया. जब पत्रकार के द्वारा इस बात की सूचना हरिओम को दी गई तो उन्होंने कहा कि बस तकरीबन 10 मिनट के अंदर मैं पहुंच रहा हूं. घर में मौजूद लोगों को कहिए कि सुरक्षित स्थान पर इत्मीनान से बैठे रहें. कुछ नहीं होगा. जब हरिओम उक्त स्थान पर पहुंचे तो उन्होंने बताया कि वे फन देखकर सांप की उम्र और लिंग बता देते हैं. हरिओम सांपों को सुरक्षित पकड़ उन्हें आबादी से दूर जंगल और झाड़ियों में छोड़ आते हैं. 


सदर प्रखंड के अहिरौली निवासी युवा हरिओम इलाके में स्नैक सेवर के नाम से प्रसिद्ध हैं. उन्होंने अपना जीवन ही सांपों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया है. दिन हो या आधी रात का समय, जब भी उन्हें कहीं सांप देखे जाने की सूचना मिलती है. बिना समय की परवाह किए तुरंत निकल पड़ते हैं. कई दफा खुद शारीरिक रूप से तकलीफ में रहने के बावजूद स्नेक सेवर हरिओम चौबे सांप होने की सूचना मिलते ही उन्हें बचाने निकल पड़ते हैं. सावन मास की शुरुआत व गुरु पूर्णिमा के दिन हरिओम ने यह संदेश दिया है कि सांप हमारे दुश्मन नहीं हैं. प्रकृति ने जिस प्रकार सभी जीवों को जीने का अधिकार दिया है, उसी तरह सांपों को भी जीवन जीने का अधिकार है. 

उम्र के आकलन के बारे में उन्होंने बताया कि किसी भी सांप के आंखों और फन के बीच की दूरी कितनी सेंटीमीटर है, इसी पर उसके उम्र का निर्धारण किया जाता है. इसके अतिरिक्त नर और मादा की समझ उसके फन अथवा सिर के आकार को देखकर पता लगती है. उन्होंने बताया कि अगर चौड़ा फन हुआ तो वह नाग है और अगर फन कुछ पतला हुआ तो वह नागिन है. उन्होंने बताया कि नागिन बहुत गुस्सैल होती है तथा वह बार-बार डंक मारने का प्रयास करती है. लेकिन, जब तक सांपों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाए वह लोगों को नुकसान नहीं पहुंचाते. 



मनुष्य की मदद करता है धामिन सांप.

पप्पू केसरी के मकान में निकला सांप को लोग कोबरा प्रजाति के सांप समझ रहे थे. सांप को देखकर घर में मौजूद सभी लोगों का गला सूख रहा था. लेकिन, जैसे ही हरिओम मौके पर पहुंचे और उन्हें ज्ञात हुआ कि इसी जगह पर सांप मौजूद है वह हंसते हुए जाकर सांप को हाथों में उठाए और घर के बाहर बरामदे पर आकर उसे चूमना शुरू कर दिए. सांप के रेस्क्यू के बाद हरिओम ने बताया कि धामिन सांप जिस खेत में रहती है वहां फसल बहुत अच्छी होती है. क्योंकि धामिन चूहों का शिकार करती है. यह इंसानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाती साथ ही विषहीन होती है. कई बार काली धामिन को देख लोग करैत समझ मार डालते हैं. उन्होंने बताया कि सांपों को बचाने का अभियान तेज करने के लिए जल्द ही वह ट्रस्ट बनाने जा रहे हैं. धामन सांप के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि धामन सांप के कई रंग होते हैं कई बार वह पीला हरा व अन्य रंगों में पाई जाती हैं. धामन सांप एक बार में 12 अंडे देती है जिसमें से कई अंडे नष्ट हो जाते हैं जो अंडे बस जाते हैं उनमें से सांप के बच्चे निकलते हैं. जिस आपको उन्होंने अंबेडकर चौक पर रेस्क्यू किया वह सांप काली धामन थी. जिसे उन्होंने एक प्लास्टिक के बोरे में कैद कर अपने साथ लेकर चले गए. रेस्क्यू के बाद उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जिस तरह से उन्होंने सांप का रेस्क्यू किया है उस तरफ से सांप का रेस्क्यू करने का जहमत अन्य लोग ना उठाएं वर्ना सांप के डसने से उनकी मृत्यु तक हो सकती है.





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