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डुमराव में हुए मारपीट का बदला लेने के लिए उत्तम ने रची थी साजिश,पैसे का लेन देन में हुई थी दीपक की हत्या: एसपी..




एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर : डुमराव के राजद कार्यकर्ता दीपक यादव हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है. हत्याकांड में शामिल दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है. पत्रकार वार्ता का आयोजन कर पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया है कि दीपक यादव अपने साथी उत्तम यादव से शराब की खरीदारी करने के लिए ₹30000 उधार लिया था. जिसे वह एक तय समय के बाद लौटा देने की बात कही थी. लेकिन, जब पैसा देने का समय पूरा हुआ और उत्तम यादव दीपक से पैसे की मांग करने लगा तो दीपक उधार लिए गए पैसे को देने में आनाकानी करने लगा तथा उसने पैसे के बदले ₹10000 का एक पिस्टल उत्तम यादव को दे दिया था. लेकिन, ₹20000 अभी और उत्तम यादव को दीपक के द्वारा दिया जाना था. जिसकी मांग बार-बार उत्तम यादव दीपक से कर रहा था. परंतु दीपक यादव बार-बार बहाने बना रहा था. अपने ₹20000 की मांग जब उत्तम यादव के द्वारा डुमराव स्टेशन के समीप 6 जून को दीपक यादव से की गई तो दीपक यादव के साथ मौजूद आशुतोष राय ने उत्तम यादव के साथ डुमराव स्टेशन के समीप ही मारपीट की थी. जिसके बाद उत्तम यादव के द्वारा अपने साथ हुई मारपीट की इस घटना का बदला लेने का योजना बनाया गया और 25 जून को नियाज़ीपुर बांध पर बदला लेने के नियत से वह अपने दो साथियों के साथ नियाज़ीपुर बांध पर पहुंचा तथा अपने दोस्त के दादा के श्राद्ध कर्म से स्कॉर्पियो वाहन से वापस लौट रहे दीपक यादव एवं आशुतोष राय को रुकने के लिए हाथ से इशारा किया. इसके बाद स्कॉर्पियो वाहन चला रहे दीपक यादव के द्वारा उत्तम यादव को अपने वाहन से टक्कर मारने का प्रयास किया गया. जिसके बाद उत्तम यादव ने दीपक यादव के द्वारा ₹10000 के बदले में दिए गए पिस्टल से ही गोलीबारी कर दी गई. जिसमें दीपक यादव को गोली लगी और उसकी मौत हो गई. 




पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उत्तम के द्वारा अपने साथ हुई मारपीट का बदला लेने के लिए मारपीट की योजना बनाई गई थी. लेकिन, दीपक की यादव के द्वारा अपने वाहन से कुछ ले जाने का प्रयास किया गया. जिसके बाद उत्तम यादव ने आशुतोष राय को निशाना बनाते हुए गोली चला दी. लेकिन, गोली दीपक को लग गई और उसकी मृत्यु इलाज के लिए हायर सेंटर ले जाने के दौरान हो गई. गोली मारने के बाद उत्तम यादव और उसके साथी एक ही बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए. इसके बाद उत्तम यादव व उसका गिरफ्तार साथी दिल्ली चला गया था.  पुलिस के जांच पड़ताल के क्रम में उत्तम यादव एवं उसके साथियों के नाम सामने आने लगे थे तथा पुलिस उत्तम यादव को तकनीकी अनुसंधान के माध्यम से गिरफ्तार करने के प्रयास में जुटी थी. 


इसी दरमियान जब उत्तम यादव दिल्ली से वापस अपने के बाद डुमराव अनुमंडल स्थित अपने गांव आया तो पुलिस को इसकी सूचना प्राप्त हो गई और इसी सूचना को आधार मानकर पुलिस के द्वारा उत्तम यादव के साथ ही उसके एक अन्य साथी को भी गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस के द्वारा पूछताछ के क्रम में हत्याकांड का परत दर परत सारे रहस्य खुलते चले गए और मामला पैसे के लेनदेन में हत्या का निकला. उत्तम यादव के द्वारा अपने साथियों का नाम भी बताया गया. जिसमें कि बबलू यादव नामक एक साथी को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा एक और की गिरफ्तारी के लिए पुलिस के द्वारा प्रयास किया जा रहा है. एसपी ने बताया कि उत्तम यादव ने अपने 2 साथी बबलू एवं मिठाई के साथ मिलकर हत्या के इस घटना को अंजाम दिया है. पुलिस फरार मिठाई की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयासरत है.


उन्होंने बताया कि डुमराव डीएसपी केके सिंह के नेतृत्व में गठित एक छोटी सी टीम के द्वारा हत्या का उद्भेदन कर लिया गया है उन्होंने बताया कि हत्या के उद्भेदन के लिए कोई बड़ी फौज की मदद नहीं ली गई थी डुमराव डीएसपी के नेतृत्व में रामदास राय के डेरा ओपी प्रभारी सुबोध कुमार एवं सशस्त्र बलों के अलावा जिले की डीआईओ टीम का अहम योगदान इस हत्याकांड के उद्भेदन में रहा


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