Skip to main content

बच्चों की पिटाई करना पड़ा भारी जिला पदाधिकारी ने बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक समेत 3 को किया सेवा से मुक्त ..




एक्सप्रेस न्यूज, बक्सर: जिला बाल कल्याण समिति के अनुशंसा पर जिला पदाधिकारी अमन समीर के द्वारा बक्सर में बालगृह के बच्चों से मारपीट करने एवं संदिग्ध आचरण में लिप्त पाए जाने पर बड़ी कार्रवाई की गई है. बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक राजकुमार सिंह, बाल संरक्षण पदाधिकारी नितेश कुमार, बाल गृह की काउंसिलर श्वेता पांडेय को पदीय दायित्वों से मुक्त करते हुए समाज कल्याण विभाग के सचिव को भी उनके विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए सभी प्रमाणों के साथ जिला पदाधिकारी के द्वारा पत्र प्रेषित कर दिया गया है.


गौरतलब है कि दिनांक 02.07. 21 को बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष मदन सिंह, सदस्य डॉ शशांक शेखर, नवीन पाठक तथा योगिता सिंह के द्वारा बालगृह का निरीक्षण किया गया. इस दौरान यह पाया गया कि वहां आवासित के बच्चों के साथ मारपीट की गई है. बाद में इस बात की शिकायत जिला पदाधिकारी से की गई, जिसके आलोक में अपर समाहर्ता के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन हुआ. कमिटी द्वारा बालगृह का निरीक्षण किया गया तथा बच्चों से बातचीत की गई, तथा मामला सत्य पाया गया बच्चों के शरीर पर पिटाई के निशान भी थे. जिसके बाद संबंधित मामले की जांच रिपोर्ट जिला पदाधिकारी को सौंप दी. जांच रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि बालगृह में लगाए गए 11 सीसीटीवी कैमरे में से कोई ऐसा कैमरा नहीं है जो दरवाजे से अंदर आने वाले व्यक्तियों को दिखा सके. इसके अतिरिक्त यह भी पाया गया कि बालगृह में इनवर्टर आदि के कनेक्शन भी सभी कमरों में नहीं किए गए हैं. बिजली चले जाने के बाद जनरेटर आदि की भी व्यवस्था नहीं की जाती. जिससे बच्चों को काफी कष्ट होता है. साथ ही किसी अप्रिय घटना के होने की संभावना बनी रहती है. 


कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि जब बच्चों से पूछताछ की जा रही थी तो उस वक्त जिस बच्चे के द्वारा मारपीट की शिकायत की गई थी उसे भी वहां से हटाकर जांच को प्रभावित करने की कोशिश की गई. उन्होंने बताया कि बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक रात को वहां पहुंचते थे और रात तकरीबन 9:00 बजे वहां से निकलते थे उन्हें छोड़ने और लेने के लिए भी सरकारी गाड़ी आती थी. लेकिन, उनके आगमन तथा प्रस्थान के संदर्भ में कोई एंट्री भी वहां मौजूद पंजी में नहीं होती थी. ऐसे में उनका चरित्र संदेहास्पद प्रतीत होता है.


Comments

Popular posts from this blog

साइबर सेल एवं बक्सर पुलिस को चुनौती देकर सोशल मीडिया पर हथियार प्रदर्शन करते वायरल हुआ युवकों का तस्वीर, जाँच में जुटी पुलिस..

- 6 जनवरी 2026 को औद्योगिक थाना में दी गई थी लिखित आवेदन। - पुलिस के गिरफ्त से आरोपित अब तक बहार पीड़ित पक्ष भयभीत। एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: भारत में सार्वजनिक स्थानों पर सरकारी या गैर-सरकारी, बिना लाइसेंस वाले हथियारों का प्रदर्शन एक गंभीर दंडनीय अपराध है। यहां तक कि वैध लाइसेंस वाले हथियारों का सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन (नुमाइश/ब्रांडिशिंग) करना भी सख्त वर्जित है। जो कि एक अपराध की श्रेणी में आता है। भारतीय शस्त्र अधिनियम, 1959 और शस्त्र नियम, 2016 इस पर सख्त प्रावधान लागू करते हैं। अवैध हथियार रखना या प्रदर्शन, बिना लाइसेंस के हथियार रखना, उपयोग करना या उनका सार्वजनिक प्रदर्शन करना एक दंडनीय अपराध है. जिसमें 3 साल से लेकर 7 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है.  कुछ मामलों में आजीवन कारावास का भी प्रावधान है। यदि आपके पास वैध लाइसेंस है, तब भी आप सार्वजनिक रूप से हथियार की नुमाइश नहीं कर सकते। हथियार को एक निर्धारित होल्डर या कवर में, पूरी तरह से ढका हुआ रखना अनिवार्य है। जिस पर आपका प्रभावी नियंत्रण हो। सार्वजनिक स्थानों पर हवाई फायरिंग या हथियार चमकाना सख्त मना है।पुलिस ऐसे माम...

भाई के साथ कोचिंग जा रही किशोरी को अग़वा कर 3 लोगों ने किया गलत काम, पुलिस के तत्परता से तीनों आरोपी गिरफ्तार।

- मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दिखाई तत्परता तीनों आरोपी गिरफ्तार। - भाई ने पुलिस के समक्ष दी पूरी घटना की जानकारी, पुलिस कर रही है पूछताछ। एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर:  घर से कोचिंग पढ़ने जा रही एक किशोरी को 3 लोगो ने रोक कर अग़वा कर लिया। उसके बाद उसे कुछ दुरी पर ले गए और एक झोपड़ी में उसके साथ गलत काम किए। जिस वक़्त यह घटना घटी किशोरी का भाई भी वहां मौजूद था। किशोरी का भाई उसे बाइक से कोचिंग ले जा रहा था। शनिवार सुबह 8 बजे कि यह घटना बताई जा रही है। बक्सर एसपी ने पूछने पर कहा कि मेडिकल जाँच के बाद आगे कि कार्रवाई होगी। फिलहाल पुलिस अपने स्तर से मामले कि जाँच कर रही है। सूत्रों के हवाले से प्राप्त जानकारी के मुताबिक तीनो आरोपी पुलिस के गिरफ्त में हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। घटना की सीमा दो थाना क्षेत्र में पड़ती है। किशोरी सुबह बाइक से अपने भाई के साथ कोचिंग जा रही थी तभी राह में दंगौली पुल के पास 3 युवकों ने मिलकर उनकी बाइक रोकी और इस घटना को अंजाम दिया।नावानगर थाना की सीमा में यह जगह आता है। तीनो आरोपी दूसरी बाइक पर बैठाकर कड़सर गांव के समीप एक सुनसान झोपड़ी में किशोरी क...

जिले में कानून व्यवस्था को झंकझोर देने वाले अहियापुर ट्रिपल मर्डर केस में मुख्य आरोपियों ने किया सरेंडर, रिमांड पर ले सकती है पुलिस..

-बढ़ते पुलिस दबाव एवं कुर्की जब्ती की तेज प्रक्रिया का हुआ असर.  -पूर्व में भी दो नामजद कर चुके हैं न्यायलय में आत्मसमर्पण. एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: राजपुर थाना क्षेत्र के अहियापुर में हुए ट्रिपल मर्डर केस में फरार चल रहे मुख्य आरोपियों ने न्यायालय में सोमवार को आत्मसमर्पण कर दिया है. राजपुर थानाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश सिंह से मिली जानकारी के मुताबिक न्यायालय में आत्मसमर्पण करने वालों में बटेश्वर यादव, मनोज यादव संजय उर्फ संतोष यादव शामिल हैं. बताते चले कि इस हत्याकांड में आरोपी महेंद्र यादव व सलीम अंसारी पूर्व में हीं न्यायलय में आत्म समर्पण कर चुके हैं. जिनको पुलिस के द्वारा रिमांड पर लेकर पूछताछ करने हेतु न्यायालय में अर्जी भी दिया जा चुका है.   बता दे की अहियापुर गांव में अपराधियों के द्वारा एक ही परिवार के तीन लोगों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था. यह घटना बक्सर जिला समेत पूरे बिहार में चर्चा का विषय बन गया था और सुशासन की सरकार पर सवाल खड़ा कर रहा था. इस घटना ने  जिले के कानून व्यवस्था को झंकझोर कर रख दिया था.  इस घटना में प्राथमिक दर्ज होने के बाद ब...