Skip to main content

वीडियो: मारपीट करने वाले खेसारी लाल यादव के गुर्गों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने नगर थाना बक्सर पहुंचा नवोदित गायक पंकज..



एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: भोजपुरी इंडस्ट्री में जिस तरह से अश्लील गानों को श्रोताओं के बीच में परोसा जा रहा है. इससे आज के दौर में कोई भी अनजान नहीं है. चाहे वह नया कलाकार हो या फिर कोई पुराना कलाकार हर कोई भोजपुरी इंडस्ट्री में अपनी पकड़ मजबूत बनाने के लिए अश्लील गानों को गाकर लोगों के बीच में अपना नाम कमाने  एवं अपने श्रोताओं को बढ़ाने का कार्य कर रहा है. उसमें सबसे बड़ी यदि किसी की गलती कहा जाए अश्लील गानों को परोसे जाने में मुख्य तौर पर कोई दोषी है तो वह गानों को लिखने वाला लेखक है.


इन दिनों भोजपुरी गानों के लेखक के द्वारा किसी भी लड़की का नाम लेकर अश्लील गाना गाने का सिलसिला लगातार जारी है. इसी क्रम में बताते चले कि अखिलेश कश्यप के द्वारा लिखा गया एक गाना खेसारी लाल यादव के द्वारा गाया गया जो कि काफी चर्चा में रहा और उस गाने का नाम है "चाची की बेटी सपनवा में आती है". भोजपुरी इंडस्ट्री में इन दिनों कभी सानिया मिर्जा कभी काजल नीलू एवं अन्य लड़कियों का नाम लेकर अश्लील गाना गाने का चलन बन गया है. जो कि पूरे भोजपुरिया समाज के लिए बहुत ही शर्मनाक है. भोजपुरी को बदनाम करने का यह षड्यंत्र भोजपुरी लेखकों के द्वारा रचा जा रहा है. जो सरासर गलत है. जगह जगह पर इसका विरोध भी होता है. लेकिन, पब्लिसिटी एवं ज्यादा से ज्यादा श्रोताओं के बीच में अपनी धाक बनाए रखने के लिए भोजपुरी लेखकों के द्वारा इस तरह के गानों को लिखा जाता है.



इन भोजपुरी गानों से खार खाए भोजपुरी इंडस्ट्री के एक  नवोदित कलाकार पंकज सिंह के द्वारा कथित तौर पर मीडिया के समक्ष अपनी बात रखते हुए यह बताया गया कि जिस तरह से खेसारी लाल यादव के द्वारा काजल पूजा नीलू एवं सानिया मिर्जा का नाम लेकर भोजपुरी इंडस्ट्री में अश्लील गाना गाया गया यह गलत है और वह सभी लड़कियां किसी ना किसी की बेटी और बहन है. उस वक़्त इन गानों को गाते वक़्त यह जरा भी नही सोचा गया कि उन लड़कियों पर इस गाने का क्या प्रभाव पड़ेगा जो इस नाम की होंगी. इस तरह के गाना गाए जाने से कहीं ना कहीं हमारा भोजपुरी समाज बदनाम हो रहा है और गानों में लिए गए नाम की लड़कियां मानसिक तौर पर परेशान होती है. इस तरह के गानों को गाने में सबसे ऊपर खेसारी लाल यादव का नाम आता है. उनको सबक सिखाने के लिए खेसारी लाल यादव के बेटी का नाम लेकर एक गाना मेरे द्वारा गाया गया. जिसका बोल है "खेसारी की बेटी सपनवा में आती है". जिसके बाद खेसारी लाल यादव के कहने पर उनके गाने के राइटर अखिलेश कश्यप एवं उनके गुर्गों के द्वारा लगातार मुझे धमकी देना शुरू कर दिया गया.  उससे भी जब मन नहीं भरा तो खेसारी लाल यादव के द्वारा अपने पावर एवं पैसे का इस्तेमाल करते हुए उनके घर पर उनके मां-बाप को डराने एवं धमकाने  के लिए पुलिस को भेज दिया गया. जिसके बाद मैं काफी डर गया और खेसारी लाल यादव के राइटर अखिलेश कश्यप से फोन पर बात किया और कहा कि मैं लाइव आकर माफीनामा लिखने के लिए तैयार हूं.  मैंने गलती किया है तथा मुझे माफ किया जाए एवं किसी भी तरह से मामले में समझौता करा दिया जाए. मैंने यह गाना बस इसलिए गाया था कि अब से भी भोजपुरी इंडस्ट्री में इस तरह के गाने को परोसने वाले लोग सबक ले. 



उन्होंने ये भी कहा है कि मैंने भी गलती किया है. जिसके लिए मैं माफी मांगने को तैयार हूं. जिसके बाद अखिलेश कश्यप के द्वारा उन्हें बक्सर गोलंबर पर बुलाया गया और वहां से जबरदस्ती एक वाहन में बैठाकर बक्सर के नगर भवन के समीप मटका रेस्टोरेंट में लाया गया और वहां पर पहले से आठ दस की संख्या में लोग मौजूद थे. सभी लोगों ने मिलकर उनको बुरी तरह से पीटा लाइव वीडियो में भी उनके साथ मारपीट की गई. अखिलेश कश्यप के अलावा उनके 15 गुर्गे इस घटना को अंजाम देने में शामिल रहे. खेसारी लाल यादव के निजी सहायक विकास भी लाइव जुड़े हुए थे जो कि उन्हें और मारने के लिए अखिलेश कश्यप के गुर्गों को भड़का रहे थे. गन पॉइंट पर उनसे बहुत कुछ झूठ बुलवाया गया.  किसी भी तरह से उन लोगों के हाथ पैर पर गिरकर हम अपनी जान बचाते हुए  वहां से निकले और सीधे अपने मामा के गांव पहुंच गए. जहां जाकर सारी आपबीती सुनाने के बाद कुछ लोगों का साथ मिला कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं का साथ मिला और थाने में कुछ नामजद लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने हेतु नगर थाना में पहुंचा हूं. नवोदित कलाकार पंकज सिंह ने मीडिया कर्मी को अपने बयान में यह बातें बताई है. 


लेकिन, दूसरी तरफ यदि बात की जाए भोजपुरी इंडस्ट्री के गायक एवं गीतकारों की तो जिस तरह से लड़कियों का नाम लेकर असली गाना गाया जा रहा है कहीं ना कहीं भोजपुरी समाज को बदनाम करने एवं समाज में अश्लीलता फैलाने का कार्य गायक एवं भोजपुरी गानों के लेखकों के द्वारा किया जा रहा है. जो कि  सरासर गलत है. कोई भी कलाकार यदि इस तरह का गलती करता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करना तो उचित है. लेकिन, उसके साथ मारपीट करना अभद्रता पूर्ण व्यवहार करना कहीं से भी उचित और मर्यादित नहीं लगती है. कानून को हाथ में लेने का अधिकार किसी को भी नहीं है और नवोदित कलाकार पंकज सिंह के साथ जो या घटना घटी है. इस पर पुलिस को उचित कार्रवाई करनी चाहिए उनके द्वारा लिखित आवेदन दी जाती है तो लिखित आवेदन के आधार पर जिन लोगों को नामजद बनाया गया है उनको गिरफ्तार करना चाहिए और पंकज सिंह के द्वारा अपने बयान में जो जो बातें कही जा रही है कि उनका अपहरण किया गया और उनको गन पॉइंट पर रखकर उनसे झूठी बातें बुलवाया गया. सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच करते हुए मामले का उद्भेदन करना चाहिए और दोषियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए. बहरहाल, देखना ये होगा कि  नवोदित गायक पंकज सिंह पुलिस के समक्ष किन लोगों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराते हैं और पुलिस के द्वारा आगे क्या कार्रवाई की जाती है.





Comments

Popular posts from this blog

साइबर सेल एवं बक्सर पुलिस को चुनौती देकर सोशल मीडिया पर हथियार प्रदर्शन करते वायरल हुआ युवकों का तस्वीर, जाँच में जुटी पुलिस..

- 6 जनवरी 2026 को औद्योगिक थाना में दी गई थी लिखित आवेदन। - पुलिस के गिरफ्त से आरोपित अब तक बहार पीड़ित पक्ष भयभीत। एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: भारत में सार्वजनिक स्थानों पर सरकारी या गैर-सरकारी, बिना लाइसेंस वाले हथियारों का प्रदर्शन एक गंभीर दंडनीय अपराध है। यहां तक कि वैध लाइसेंस वाले हथियारों का सार्वजनिक रूप से प्रदर्शन (नुमाइश/ब्रांडिशिंग) करना भी सख्त वर्जित है। जो कि एक अपराध की श्रेणी में आता है। भारतीय शस्त्र अधिनियम, 1959 और शस्त्र नियम, 2016 इस पर सख्त प्रावधान लागू करते हैं। अवैध हथियार रखना या प्रदर्शन, बिना लाइसेंस के हथियार रखना, उपयोग करना या उनका सार्वजनिक प्रदर्शन करना एक दंडनीय अपराध है. जिसमें 3 साल से लेकर 7 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है.  कुछ मामलों में आजीवन कारावास का भी प्रावधान है। यदि आपके पास वैध लाइसेंस है, तब भी आप सार्वजनिक रूप से हथियार की नुमाइश नहीं कर सकते। हथियार को एक निर्धारित होल्डर या कवर में, पूरी तरह से ढका हुआ रखना अनिवार्य है। जिस पर आपका प्रभावी नियंत्रण हो। सार्वजनिक स्थानों पर हवाई फायरिंग या हथियार चमकाना सख्त मना है।पुलिस ऐसे माम...

भाई के साथ कोचिंग जा रही किशोरी को अग़वा कर 3 लोगों ने किया गलत काम, पुलिस के तत्परता से तीनों आरोपी गिरफ्तार।

- मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दिखाई तत्परता तीनों आरोपी गिरफ्तार। - भाई ने पुलिस के समक्ष दी पूरी घटना की जानकारी, पुलिस कर रही है पूछताछ। एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर:  घर से कोचिंग पढ़ने जा रही एक किशोरी को 3 लोगो ने रोक कर अग़वा कर लिया। उसके बाद उसे कुछ दुरी पर ले गए और एक झोपड़ी में उसके साथ गलत काम किए। जिस वक़्त यह घटना घटी किशोरी का भाई भी वहां मौजूद था। किशोरी का भाई उसे बाइक से कोचिंग ले जा रहा था। शनिवार सुबह 8 बजे कि यह घटना बताई जा रही है। बक्सर एसपी ने पूछने पर कहा कि मेडिकल जाँच के बाद आगे कि कार्रवाई होगी। फिलहाल पुलिस अपने स्तर से मामले कि जाँच कर रही है। सूत्रों के हवाले से प्राप्त जानकारी के मुताबिक तीनो आरोपी पुलिस के गिरफ्त में हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। घटना की सीमा दो थाना क्षेत्र में पड़ती है। किशोरी सुबह बाइक से अपने भाई के साथ कोचिंग जा रही थी तभी राह में दंगौली पुल के पास 3 युवकों ने मिलकर उनकी बाइक रोकी और इस घटना को अंजाम दिया।नावानगर थाना की सीमा में यह जगह आता है। तीनो आरोपी दूसरी बाइक पर बैठाकर कड़सर गांव के समीप एक सुनसान झोपड़ी में किशोरी क...

जिले में कानून व्यवस्था को झंकझोर देने वाले अहियापुर ट्रिपल मर्डर केस में मुख्य आरोपियों ने किया सरेंडर, रिमांड पर ले सकती है पुलिस..

-बढ़ते पुलिस दबाव एवं कुर्की जब्ती की तेज प्रक्रिया का हुआ असर.  -पूर्व में भी दो नामजद कर चुके हैं न्यायलय में आत्मसमर्पण. एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर: राजपुर थाना क्षेत्र के अहियापुर में हुए ट्रिपल मर्डर केस में फरार चल रहे मुख्य आरोपियों ने न्यायालय में सोमवार को आत्मसमर्पण कर दिया है. राजपुर थानाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश सिंह से मिली जानकारी के मुताबिक न्यायालय में आत्मसमर्पण करने वालों में बटेश्वर यादव, मनोज यादव संजय उर्फ संतोष यादव शामिल हैं. बताते चले कि इस हत्याकांड में आरोपी महेंद्र यादव व सलीम अंसारी पूर्व में हीं न्यायलय में आत्म समर्पण कर चुके हैं. जिनको पुलिस के द्वारा रिमांड पर लेकर पूछताछ करने हेतु न्यायालय में अर्जी भी दिया जा चुका है.   बता दे की अहियापुर गांव में अपराधियों के द्वारा एक ही परिवार के तीन लोगों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था. यह घटना बक्सर जिला समेत पूरे बिहार में चर्चा का विषय बन गया था और सुशासन की सरकार पर सवाल खड़ा कर रहा था. इस घटना ने  जिले के कानून व्यवस्था को झंकझोर कर रख दिया था.  इस घटना में प्राथमिक दर्ज होने के बाद ब...