एक्सप्रेस न्यूज़, बक्सर:
बिहार के किसानों, ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से कार्यरत कुशवाहा पर्ल फार्म एंड ट्रेनिंग सेंटर, बक्सर आज मोती उत्पादन (Pearl Farming) के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। संस्था का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक आधारित मोती उत्पादन का व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है।
संस्था के संस्थापक एवं संचालक प्रो. धनजी कुशवाहा ने बताया कि मोती की खेती कम लागत में अधिक लाभ देने वाला एक उभरता हुआ व्यवसाय है, जो बिहार के किसानों एवं बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का नया विकल्प बन सकता है। संस्था लगातार किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग एवं व्यवसायिक मार्गदर्शन प्रदान कर रही है।
संस्था द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्रतिभागियों को मोती उत्पादन की संपूर्ण प्रक्रिया का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें सीप का चयन, सीप प्रबंधन, न्यूक्लियस प्रत्यारोपण (सर्जरी), ऑपरेशन के बाद देखभाल, सीमेंटेड टैंक प्रबंधन, जल गुणवत्ता प्रबंधन, मोती उत्पादन तकनीक, मोती की ग्रेडिंग, आभूषण निर्माण, विपणन व्यवस्था तथा स्वरोजगार स्थापित करने की विस्तृत जानकारी दी जाती है।
कुशवाहा पर्ल फार्म एंड ट्रेनिंग सेंटर की विश्वसनीयता का प्रमाण यह है कि अब तक मत्स्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों, विभिन्न जनप्रतिनिधियों, माननीय विधायक, सांसद, जिला परिषद प्रतिनिधियों, प्रखंड एवं पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा संस्था का भ्रमण किया जा चुका है। भ्रमण के दौरान संस्था द्वारा किए जा रहे नवाचार, प्रशिक्षण व्यवस्था एवं किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों की सराहना की गई है।
संस्था का मानना है कि यदि मोती उत्पादन को सरकारी स्तर पर व्यापक प्रोत्साहन एवं योजनागत सहयोग प्राप्त हो, तो बिहार देश के अग्रणी मोती उत्पादक राज्यों में अपनी पहचान स्थापित कर सकता है और हजारों युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है।
इसी क्रम में 13 एवं 14 जून 2026 को कुशवाहा पर्ल फार्म एंड ट्रेनिंग सेंटर में दो दिवसीय मोती की खेती का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य बिहार के किसानों एवं युवाओं को रोजगारपरक तकनीक से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएँ:
• मोती की खेती का पूर्णतः प्रायोगिक प्रशिक्षण।
• सीप सर्जरी (Pearl Implantation) का लाइव प्रदर्शन।
• सीप उपलब्धता एवं तकनीकी मार्गदर्शन।
• प्रशिक्षण उपरांत निरंतर परामर्श एवं सहयोग।
• व्यवसाय स्थापना एवं विपणन संबंधी जानकारी।
• अनुभवी टीम द्वारा प्रशिक्षण।
प्रशिक्षण शुल्क : ₹3000 प्रति प्रतिभागी।
प्रशिक्षण में भाग लेने के इच्छुक किसान, युवा एवं स्वरोजगार से जुड़ने के इच्छुक अभ्यर्थी शीघ्र अपना पंजीकरण कराएं, क्योंकि सीटें सीमित हैं।
बिहार को मोती उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प के साथ संस्था लगातार कार्य कर रही है।
संस्था का संकल्प:
"हर गांव में मोती की चमक, हर हाथ में रोजगार।"
प्रो. धनजी कुशवाहा
संस्थापक एवं संचालक
कुशवाहा पर्ल फार्म एंड ट्रेनिंग सेंटर
पता: ग्राम–पुरुषोत्तमपुर, पोस्ट–उनवास, जिला–बक्सर, बिहार–802123
मोबाइल: 8757007181 / 6201152565




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