-वर्षों से चले आ रहे फर्जीवाड़े का हुआ पर्दाफाश.
-पकडे जाने पर सॉरी सॉरी कहने लगे अस्पताल कर्मी.
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एक्सप्रेस न्यूज़ बक्सर: सदर अस्पताल बक्सर के लचर व्यवस्थाओं से तो जिलेवासी अक्सर रूबरू होते रहते हैं. ऊपरी लचर व्यवस्था तो आसानी से दिख जाती है. मगर अंदरूनी फर्जीवाड़े को पकड़ने के लिए जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारीयों का ईमानदारी पूर्वक औचक निरिक्षण बेहद जरुरी होता है. यदि ऐसा नहीं होता है तो लोगों के सेवा के लिए बैठे लोग मरीजों के हक़ को मारकर खुद मेवा खाने लगते हैं. यदि बड़े अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि ईमानदार ना हों तो पकडे जाने पर मामले में लीपापोती हो जाता है और धड़ल्ले से फर्जीवाड़े का खेल जारी रहता है और ऊपर से लेकर नीचे तबके तक के बाबूओं का जेब गर्म होते रहता है.
हालांकि, ज़ब से बक्सर विधायक आनंद मिश्रा बने हैं तब से आमजनमानस उम्मीद के साथ उनके तरफ टकटकी लगाए बैठे हैं कि अब कुछ सही होगा. पढ़ाई कमाई और दवाई बेहतर होगा. नए विधायक जी के कड़े तेवर ने लोगों के उम्मीद को और हवा दे दी है.आमजनमानस के उम्मीद और अपने फ़र्ज को पूरा करने में बक्सर विधायक भी कोई कोर कसर छोड़ने के फिराक में नहीं हैं.
बता दें कि आज बक्सर विधायक अचानक बक्सर सदर अस्पताल के निरिक्षण में पहुंचे. जहां उन्होंने बारीकी से अस्पताल के हर व्यवस्थाओं का निरिक्षण किया निरिक्षण के क्रम में ज़ब विधायक दवा वितरण केंद्र का जायजा लेने पहुंचे तो वहां एक महिला मरीज को किसी बीमारी की दस गोलिया दी गई थी. लेकिन, कंप्यूटर में 20 गोलियां देने की रिपोर्ट दर्ज थी. ज़ब महिला मरीज से विधायक जी ने पूछा तो महिला ने बताया कि मुझे तो बस एक पत्ता यानि दस गोलियां दी गई हैं. ज़ब विधायक ने कर्मचारी से पूछा कि कंप्यूटर में दस के जगह बीस गोलियां क्यों दर्ज है? तो कर्मचारी बगले झाँकने लगा और कहने लगा गलती हो गई. हालांकि विधायक ने स्पष्ट जवाब दिया कि यह गलती नहीं सोची समझी अपराध है. एक मरीज से दस गोली तो हजारों मरीजों से कितना धोखाधड़ी होती होगी. इस मामले में तो अविलम्ब प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि प्राथमिकी हो ना हो मगर शो कॉज तो जरूर होगा.
ऐसे में सवाल यह उठता है कि आज ज़ब ये अस्पताल कर्मी का धोखाधड़ी पकड़ी गई तो सॉरी सॉरी करने लगे. लेकिन, यह खेल कोई नया नहीं है. जिसपर कोई ठोस कार्रवाई करने वाला पहले नहीं था. अब बक्सर विधायक के इस कार्रवाई ने लोगों के भरोसे को जितने के साथ हीं यह भी साबित कर दिया कि बक्सर अब आनंदमय माहौल के तरफ बढ़ रहा है. लेकिन लोगों के मन में यह सवाल घर कर बैठा है कि ऐसे कर्मियों पर ठोस कार्रवाई कब होगा?
- इंद्रकांत तिवारी
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