पुलिस हस्तक्षेप के बाद दोबारा शुरू हुई मतदान प्रक्रिया
गोयल धर्मशाला में जदयू चुनाव बना रणक्षेत्र, ‘मारो-मारो’ की गूंज से सुलगी सियासत
बक्सर : जदयू जिलाध्यक्ष पद का चुनाव गोयल धर्मशाला में गहमागहमी के बीच बवाल में बदल गया. आरोप-प्रत्यारोप, नारेबाजी और धक्का-मुक्की के बीच माहौल ऐसा बना कि कुछ देर के लिए पूरा परिसर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया. चुनाव को प्रभावित करने के आरोपों के केंद्र में रहे अशोक यादव को लेकर समर्थकों और विरोधियों के बीच तीखी झड़प हुई और स्थिति खौफनाक हो उठी.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही कुछ कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप का आरोप लगाया, माहौल अचानक गरमा गया. आरोप है कि अशोक यादव के समर्थक आक्रामक हो गए और गेट के बाहर धक्का-मुक्की शुरू हो गई. देखते ही देखते ‘मारो-मारो’ की आवाजें गूंजने लगीं और अफरा-तफरी का माहौल बन गया. कई कार्यकर्ता खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए.
मौके पर मौजूद वर्तमान जिलाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह भी कार्यकर्ताओं से उलझते दिखे. विरोधी गुट का दावा था कि चुनाव को एकतरफा बनाने की कोशिश की जा रही है, जबकि समर्थकों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे सोची-समझी साजिश बताया. दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक ने हालात और बिगाड़ दिए.
स्थिति बेकाबू होती देख मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में नगर थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए भीड़ को हटाया और माहौल शांत कराया. काफी मशक्कत के बाद चुनाव प्रक्रिया को दोबारा शुरू कराया गया, लेकिन तनाव की परछाई दिनभर परिसर पर मंडराती रही.
अशोक यादव ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे शांतिपूर्ण चुनाव के पक्षधर हैं और कुछ लोग जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे. बावजूद इसके, गोयल धर्मशाला के बाहर देर शाम तक यही चर्चा होती रही कि आखिर इस टकराव के पीछे असली वजह क्या थी.
तनाव और अविश्वास के साये में संपन्न हुआ यह चुनाव संगठन के अंदरूनी खींचतान को खुलकर उजागर कर गया, जिसने जिले की राजनीतिक फिजा को और गरमा दिया है.




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